सुशील शुक्ला-
शाहजहांपुर। जनपद में गैंग बनाकर लोगों को फर्जी पत्रकार बनाने और नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। चौक कोतवाली क्षेत्र में मोहम्मद इसहाम खान ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर अतीक खान उर्फ गाजी समेत अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित के मुताबिक, अतीक खान ने इंडिया टीवी चैनल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे और उसके साथियों से करीब 80 हजार रुपये ले लिए।
इसके बाद जब उन्होंने ज्वाइनिंग लेटर और आई-कार्ड मांगा तो उन्हें कार्यालय बुलाया गया। आरोप है कि वहां दिए गए कथित फर्जी कार्ड का विरोध करने पर अतीक खान और उसके साथी सलमान, वसीम समेत दो अज्ञात लोगों ने गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का आरोप है कि अतीक खान उर्फ गाजी फर्जी यूनियन और कार्ड बनाकर लोगों को पत्रकार बनाने के साथ ही नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा है।
शिकायत के आधार पर चौक कोतवाली पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और कार्रवाई जांच के तथ्यों के आधार पर की जाएगी। वहीं, जनपद में प्रेस और मीडिया के नाम का कथित दुरुपयोग कर फर्जी कार्ड बनवाने, वाहनों पर प्रेस लिखकर रौब गांठने, ठगी, ब्लैकमेलिंग अथवा लोगों को बदनाम करने की शिकायतों ने वास्तविक पत्रकारिता की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
ऐसे मामलों में वरिष्ठ पत्रकारों और पत्रकार संगठनों की जिम्मेदारी भी अहम मानी जा रही है। जरूरत इस बात की है कि पत्रकारिता की आड़ में यदि कोई व्यक्ति ठगी या अवैध वसूली करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ तथ्य और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो, ताकि आमजन को ठगी से बचाने के साथ पत्रकारिता की गरिमा और विश्वसनीयता भी कायम रखी जा सके।
फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। पुलिस जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा।



