इला काज़मी-
Exposing media: एक चैनल है जिसका मैं नाम नहीं लूंगी, वहाँ सुबह शाम हिंदू मुसलमान किया जाता है और रिपोर्टर्स पर स्टोरीज़ करने का दबाव बनाया जाता है के वो भी हिंदू मुस्लिम करें, नैरेटिव चलाएँ और मुसलमानों को बदनाम करें और अगर वो ख़ुद मुसलमान रिपोर्टर है तो और भी बढ़िया …
एक चैनल मुसलमान रिपोर्टर्स को हायर ही इसी लिए करता है के कैसे मुसलमानों को ख़ुद मुसलमान विलन बताए और योगी मोदी के नारे लगाए। अगर किसी मुसलमान पत्रकार ने ऐसा नहीं किया और पानी की कमी, परीक्षा में धांधली की स्टोरी दी तो उसे एक्सेप्ट ही नहीं किया जाता है। ऐसे आईडिया को कचरे में डाल दिया जाता है।
वहीं कोई रिपोर्टर अगर ये कह दे के धांधली तो अब्दुल कर रहा है तो उसकी वाहवाही होती है और उसे अच्छा रिपोर्टर माना जाता है और प्रमोशन मिलता है खासतौर पर अपनी क़ौम को बेच देने पर …और जो पब्लिक इंटरेस्ट की स्टोरी करने का आईडिया दे या कोशिश करे उसे नौकरी छोड़ने पर मजबूर कर दिया जाता है ….
This is absolutely true. It’s not just happening in the media; it’s happening everywhere. Praise Modi and Yogi and you’ll keep getting promotions. Speak the truth, and you risk losing your job. -Razin Khan
With praising them you all so have to defame your own religion and betray them. -Ila Kazmi
पुनीत कुमार सिंह-
बहुत दुखद, ये अरुण जेटली का मित्र भाजपा समर्थित मीडिया टीवी चैनल का मालिक @RajatSharmaLive बहुत घटिया स्तर की पत्रकारिता पर उतर चुके हैं। मेरे वहां दो मित्र काम करते है। उन्होंने बताया कि अगर कोई कर्मचारी संविधान, अल्पसंख्यक वर्ग के इंसाफ की बात करे , सोशल जस्टिस के पक्ष में रहे तो उन कर्मचारियों की मजाक और दरकिनार कर दिया जाता है। यहां तक यहां कई घाघ ऐसे है जो डेस्क पर काम करने नई लड़कियों को तरह तरह के प्रलोभन देते है , फिर आगे सब समझ सकते है।
90 परसेंट पत्रकार सवर्ण है। रजत शर्मा, सौरभ शर्मा, पीयूष पद्माकर, अनीता बिष्ट, विजय पांडे तमाम है। इनको सारा टैलेंट केवल वही दिखता है , obc sc st में नहीं। आप जरा यहां के पत्रकारों का सोशल मीडिया टाइमलाइन चेक करो, शर्म आ जाएगी।
ये सच है ये मुस्लिम के खिलाफ जहर उगलने के लिए मुस्लिम को ही रखते हैं। और पीयूष पद्माकर इनका हेड बहुत बदतमीज आदमी है। वो जूनियर पत्रकार को सरेआम बेइज्जत और बदसलूकी करता है। मेरे एक iimc के पत्रकार ने इसके मुंह पर आइकार्ड फेंक कर नौकरी छोड़ दिया। बोला था बेइज्जत बर्दाश्त नहीं कर पाऊंगा।
मैं एक चीज पूछना चाहता हूं इस देश के सभी लोग। @indiatvnews समेत सभी गोदी मीडिया चैनल ने आजतक कौन सी जनहित पत्रकारिता, खोजी पत्रकारिता की जिससे देश को लाभ हुआ हो।
लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है लेकिन एक भी टीवी चैनल ने कुछ अच्छा किया हो, तो बता दीजिए। मैं ऐसा नहीं कह रहा हूं कि इनके सारे रिपोर्टर खराब है। लेकिन उनको खबर करने ही नहीं दिया जाता , सही खबर दबा दी जाती है।
आपकी बहादुरी को सलाम!

