दिलीप सिंह राजपुरोहित-
इस मामले में मैं भारत सरकार के साथ हूं। मस्क ने अपने स्टारलिंक के जरिए कई देशों में आग लगाई है। ये आदमी अमेरिका में सरकार का कहना मानता है लेकिन दूसरे देशों की सरकारें जब नेट बंद करती है तब ये वहां इंटरनेट चालू रखता है और वहां के देशों में आग लगाता है। सरकार बदलती रहती है लेकिन अमरीकी कंपनी को परमिशन देने के पहले 100 बार सोचना चाहिए । हालांकि मुझे विश्वास है मोदी जी कॉम्प्रोमाइज हो चुके है इसलिए देर सवेर मस्क लाइसेंस ले ही लेगा।
साक़िब-
इस मुद्दे पर मैं मोदी जी के साथ हूँ। ELON MUSK MUST NOT BE ALLOWED TO CONTROL INTERNET IN INDIA. यह ऐसे ऑलिगार्क और कैपिटलिज़्म वाला ज्ञान दे रहा जैसे इसका नाम एलन मस्क नहीं कार्ल मार्क्स हो।
अम्बानी अडानी में लाख बुराई हो वह कम से कम पब्लिक में स्टेट को धमकी नहीं देता। इसका स्टारलिंक दुनिया को कनेक्ट करने का टूल नहीं दुनिया की कनेक्टिविटी को अपने मुट्ठी में नियंत्रित करने का टूल है।
जिन देशों की स्टारलिंक पर हद्द से ज़्यादा निर्भरता है उन देशों में यह तनावपूर्ण समय में धमकी देता है इंटरनेट बंद कर दूँगा। कई देशों में इसने नॉन स्टेट एक्टर्स को मदद किया है या मदद करने की धमकी दे कर सरकारों को ब्लैकमेल किया है।
रूस के साथ जारी युद्ध के बीच में यूक्रेन और पोलैंड को खुलेआम धमका रहा था। X पर पोलैंड को विदेश मंत्री को गरियाया था स्टारलिंक के नाम पर।
दूसरे देश के “ऑलिगार्क” पर ज्ञान पेलने वाला मस्क का ख़ुद का स्टैंड यह है कि अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेट प्राइमरी उम्मीदवार सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने अमेरिका के सुपर रिच लोगों पर वेल्थ टैक्स लगाने की माँग ट्वीट किया तो इसका जवाब था “मैं भूल जाता तुम अभी तक ज़िंदा होl”
राहुल ब्रो हायर गुड एडवाइज़र्स प्लीज़। आई विल एनी डे चूज़ अडानी एंड अंबानी ओवर मस्क।
You are not welcome, Elon.
प्रकाश के रे-
इलोन मस्क के पोस्ट पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ऑलिगार्की की ओर संकेत कर रहे हैं, वहीं उनके मुख्य सलाहकार जयराम रमेश पिछले साल मस्क, अंबानी और मित्तल के सौदे पर सवाल उठा चुके हैं कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा हो सकता है.

मनोज अभिज्ञान-
रूसी आक्रमण के शुरुआती दिनों में यूक्रेन का इंटरनेट और संचार ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ। एलन मस्क ने यूक्रेन में स्टारलिंक सेवा सक्रिय की और टर्मिनल भेजे। बाद में यह यूक्रेनी सेना के लिए संचार, ड्रोन संचालन और कमांड-एंड-कंट्रोल का महत्वपूर्ण साधन बन गया। यानी एक निजी कंपनी की सैटेलाइट नेटवर्क प्रणाली युद्ध के मैदान में सैन्य महत्व की तकनीक बन गई।
किसी क्षेत्र में स्टारलिंक उपलब्ध होगा या नहीं, इसका निर्णय स्पेसएक्स की तकनीकी और व्यावसायिक नीतियों पर निर्भर करता है। 2023 में मस्क ने स्वीकार किया कि उन्होंने यूक्रेन के उस अनुरोध को नहीं माना था जिसमें क्रीमिया के सेवास्तोपोल क्षेत्र में स्टारलिंक कवरेज सक्रिय करने की मांग की गई थी, ताकि रूसी नौसैनिक बेड़े पर हमला किया जा सके। मस्क का तर्क था कि ऐसा करने से स्पेसएक्स सीधे युद्ध में शामिल हो जाएगा और युद्ध के बड़े स्तर पर फैलने का खतरा पैदा होगा।
यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि इससे पहली बार दुनिया को साफ दिखाई दिया कि एक निजी टेक कंपनी का मालिक युद्ध की किसी सैन्य कार्रवाई की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। अब 2026 में स्थिति और आगे बढ़ गई है। यूक्रेन के कई मिड-स्ट्राइक ड्रोन स्टारलिंक के माध्यम से नियंत्रित किए जा रहे हैं। इनका इस्तेमाल रूसी सप्लाई लाइन, ईंधन भंडार, एयर-डिफेंस सिस्टम और कमांड सेंटरों के खिलाफ किया जा रहा है। यानी कि स्टारलिंक अब सिर्फ इंटरनेट नहीं है, आधुनिक ड्रोन युद्ध के संचार नेटवर्क का हिस्सा बन चुका है।
स्पेसएक्स का आधिकारिक रुख रहा है कि उसने रूस को स्टारलिंक बेचा या भेजा नहीं है। फिर भी रूस के कब्जे वाले इलाकों में कुछ स्टारलिंक टर्मिनल दिखाई दिए हैं, जिनके बारे में यूक्रेन ने आरोप लगाया कि वे तीसरे देशों के माध्यम से पहुंचे। एलन मस्क ने रूसी सेनाओं द्वारा स्टारलिंक के इस्तेमाल को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।
एलन मस्क स्वयं युद्ध नहीं लड़ रहे, लेकिन उनकी तकनीक ने यूक्रेन की युद्ध क्षमता को प्रभावित किया है। अगर किसी युद्ध में एक महत्वपूर्ण सैन्य संचार नेटवर्क किसी सरकार के बजाय एक निजी अरबपति के नियंत्रण में हो, तो वास्तविक शक्ति किसके हाथ में है?
कल एलन मस्क ने कहा था कि कुछ ओलिगार्क्स स्टारलिंक को भारत में आने से रोक रहे हैं ताकि अपना मोनोपोलिस्टिक चोकहोल्ड बनाए रखें। आज उन्होंने अंबानी का नाम लेकर पूछा, Is Ambani the real boss of India? यानी उन्होंने सवाल को कारोबारी विवाद से निकालकर सत्ता और बड़े कारोबार के रिश्ते पर ला दिया है।
रोचक तो यह है कि अंबानी और मस्क पार्टनर भी हैं। 2025 में रिलायंस जिओ और स्पेसएक्स ने भारत में स्टारलिंक सेवाओं के वितरण के लिए समझौता किया था। यानी मस्क का अंबानी पर हमला किसी ऐसे व्यक्ति पर है जिसके साथ उनकी कंपनी ने भारत में कारोबार करने की साझेदारी भी की है।
उधर संचार मंत्रालय ने कहा है कि Starlink, Jio Satellite और OneWeb तीनों लगभग एक ही रेगुलेटरी स्टेज़ पर हैं, तीनों की सिक्योरिटी असेसमेंट चल रही है और प्रक्रिया भेदभावपूर्ण नहीं है।



