Connect with us

Hi, what are you looking for?

सियासत

राम बहादुर राय के नेतृत्व में गोदी पत्रकारों की एक बड़ी टीम दिन रात मोदी कीर्तन में लगी है, हरीश बर्नवाल की मोदी चालीसा सीरीज की पाँचवी किताब आई!

Film poster featuring a senior man in traditional Indian clothing walking forward, with a crowd and Indian scenery in the background and a golden title at the top.

यशवंत सिंह-

मेरे मित्र पवन गोयल एक्टिविस्ट हैं, यानी उस प्रजाति के प्राणी जो आजकल सरकारी शब्दकोश में “संदिग्ध” के पर्यायवाची में दर्ज हैं। उन्होंने एक किस्सा सुनाया। इंदिरा गांधी का आपातकाल था। उनके चाचा जी बाज़ार में कुछ लोगों के साथ गपशप कर रहे थे, पास में पुलिस वाले खड़े थे। तभी बिजली चली गई। चाचा जी के मुंह से बस इतना निकला कि “लाइट की तरह इंदिरा भी जाएगी।” बस, पुलिस वालों ने उन्हें उठाया और जेल में डाल दिया। जुर्म था सत्ता के खिलाफ बोलना। आपातकाल में बिजली जा सकती थी, सरकार के जाने की भविष्यवाणी नहीं।

इंदिरा गईं, सरकारें बदलीं, पर यह आदत किसी सरकार से नहीं गई। फर्क बस इतना है कि उस ज़माने में आपातकाल की घोषणा होती थी, आजकल उसकी ज़रूरत ही नहीं पड़ती।

आज का अघोषित आपातकाल बड़ा सभ्य है। कोई आपको बाज़ार से उठाकर नहीं ले जाता, बस आपका ट्वीट उठा लिया जाता है, आपका चैनल उठा लिया जाता है, और ज़रूरत पड़े तो आप भी। मीडिया और सोशल मीडिया के लिए नियम बहुत सरल हैं: भक्ति चालीसा लिखो, मस्त रहो। सुबह उठकर “विश्वगुरु” का पाठ करो।

जैसे देखिए राम बहादुर रायों के नेतृत्व में विश्व गुरु के कीर्तन का क्रम जारी है। डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल ने मोदी पर न जाने कितनी किताबें लिख डाली हैं। अब फिर एक लिख दी है जिसका लोकार्पण रामबहादुर राय की अध्यक्षता में हुआ। इस अवसर पर आज तक के सीनियर एंकर सईद अंसारी तथा एबीपी की सीनियर एंकर चित्रा त्रिपाठी भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

हाँ, गिन लिया। ‘मोदी कथा’ डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी गई पांचवीं पुस्तक है। ऐसा ही पत्रकार हमको आपको बनना है। गोरमेंट को बस तारीफ़ पसंद है।

Poster advertising the launch of the book 'Modi Katha' featuring the book cover with Narendra Modi's image, along with Hindi text listing speakers, organizers, and event details.

अगर किसी ने गोरमेंट से भूल से सवाल पूछ लिया? तो उसके लिए तुरंत सर्टिफिकेट तैयार है: देशद्रोही। यह सर्टिफिकेट इतनी तेज़ी से जारी होता है कि अगर पासपोर्ट दफ्तर इसी रफ्तार से काम करे तो पूरा देश अगले हफ्ते तक विदेश घूम आए। पेपर लीक पर सवाल पूछो तो देशद्रोही, वोटर लिस्ट पर सवाल पूछो तो देशद्रोही। सवाल पूछने वाला अर्बन नक्सल है, आंदोलन करने वाला टुकड़े-टुकड़े गैंग, और चुप रहने वाला सच्चा राष्ट्रभक्त। पर दिक्कत यह है कि 2026 में लाइट फिर से जाने लगी है, और लोग फिर से वही बात बुदबुदाने लगे हैं जो पवन जी के चाचा ने कही थी।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन