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अमर उजाला के संपादकों ने यूपी में नंबर एक अखबार बनने के बाद सोशल मीडिया पर शेयर किया विजय विज्ञापन

आज फेसबुक पर दिनेश जुयाल, विजय त्रिपठी समेत अमर उजाला के कई यूनिटों के संपादकों ने उपर दिए गए अमर उजाला के यूपी में नंबर वन हो जाने संबंधी विजय विज्ञापन को अपने-अपने एकाउंट से अपलोड कर शेयर किया है और इशारों इशारों में दैनिक जागरण को जता बता दिया है कि अब यूपी में आने वाले और आगे वाले दिन तो अमर उजाला के ही हैं.

आज फेसबुक पर दिनेश जुयाल, विजय त्रिपठी समेत अमर उजाला के कई यूनिटों के संपादकों ने उपर दिए गए अमर उजाला के यूपी में नंबर वन हो जाने संबंधी विजय विज्ञापन को अपने-अपने एकाउंट से अपलोड कर शेयर किया है और इशारों इशारों में दैनिक जागरण को जता बता दिया है कि अब यूपी में आने वाले और आगे वाले दिन तो अमर उजाला के ही हैं.

अमर उजाला प्रबंधन की तरफ से जारी कराए गए इस विज्ञापन में अमर उजाला को यूपी का नंबर वन अखबार बताया गया है और विज्ञापन में ही यूपी की सारी यूनिटों के प्रसार के आंकड़े दिए गए हैं. सोर्स के बतौर ”एबीसी (एवरेज सरकुलेशन इन यूपी) फॉर अमर उजाला, जेडी 2015, इनक्लुडिंग वेरिएंट” का उल्लेख किया गया है. यानि एबीसी के ये ताजे आंकड़े पर आधारित है जो पिछले साल जुलाई से लेकर दिसंबर तक के बीच की गणना पर आधारित है. इस विज्ञापन में अमर उजाला यूपी की यूनिटों का जो एवरेज प्रसार दर्शाया गया है, वह इस प्रकार है…

आगरा- 219103
इलाहाबाद- 175438
अलीगढ़- 78153
बरेली- 176700
झांसी- 50790
कानपुर- 263369
मुरादाबाद- 144690
मेरठ- 220538
नई दिल्ली- 157975
वाराणसी-286868
गोरखपुर- 158030
लखनऊ- 282769

अमर उजाला शिमला यूनिट के संपादक दयाशंकर शुक्ल सागर इस विज्ञापन को फेसबुक पर अपलोड करते हुए लिखते हैं- ”अखबार की दुनिया में ABC के बहुत मायने हैं। ABC यानी आडिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशन्स के ताजा आंकड़े बताते हैं कि अमर उजाला उत्तर प्रदेश का नम्बर-1 अखबार हो गया। ये अखबारी कागज पर स्याही की ताकत है। और इस ताकत के पीछे टीम की मेहनत। ये अमर उजाला की विश्वसनीयता और पाठकों का प्यार है। शुक्रिया यूपी।”

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1 Comment

1 Comment

  1. Jyoti

    May 8, 2016 at 2:20 am

    AU ko no. 1 banne ki bahut badhai ho. Employees ki kadi mehnat ke bad amarujala ko ye sthaan haasil hua h. Ab AU ke malikon ko chahiye ki employees ka bhi hit soche aur salary increment kare,, khaas taur se off roll employees ki, jo ki on-roll employees ki salary ke aadhe par bhi nai h. aur kaam on-roll employee ke baraabar ya jyada hi krte h. bund bund se hi samudra banta h. Apke no. 1 hone me off-roll ka bhi utna hi haath h jitna on roll ka. to salary me partiallity karna chod de adhikaarigan.

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