असम में हिमंता बिस्वा सरमा की सत्ता ने अदानी लाला को सीमेंट फैक्ट्री लगाने के लिए 3000 बीघा जमीन दे दी।
जब हाइकोर्ट में जज ने यह सुना तो उनका मुंह खुला रह गया।
बोले–क्या मजाक है? एक कंपनी को पूरा जिला ही दे दिया?
नरेंद्र मोदी और उसके चापलूस सीएम की सत्ता दिन–रात अदानी लाला की ढपली बजा रही है।
देश टुकड़ों में अदानी को बिक रहा है।
-सौमित्र रॉय
गुवाहाटी: असम में हिमांता बिस्वा शर्मा सरकार द्वारा अदानी सीमेंट कंपनी को 3000 बीघा जमीन देने का फैसला अब विवादों में घिर गया है। मामला जब हाईकोर्ट पहुंचा तो सुनवाई के दौरान न्यायाधीश भी चौंक उठे।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि सरकार ने यह जमीन आदिवासी समुदाय की बताई जा रही ज़मीन से देने का फैसला किया है। उनका कहना है कि यह जमीन कंपनियों को सौंपना सीधे तौर पर आदिवासियों के अधिकारों और आजीविका पर हमला है।
कोर्ट में हुई तीखी टिप्पणी
हाईकोर्ट के जज संजय कुमार मेधी ने 3000 बीघा जमीन की बात सुनकर हैरानी जताई और कहा कि यह तो पूरा जिला देने जैसा है। अदालत ने सरकार से विस्तार से जवाब मांगा है कि आखिर इतनी बड़ी जमीन किसी निजी कंपनी को किस आधार पर दी जा रही है।
आदिवासी समुदाय में गुस्सा
अदानी समूह को जमीन देने के फैसले को लेकर स्थानीय आदिवासी संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। उनका आरोप है कि सरकार कॉरपोरेट हितों को साधने के लिए मूल निवासियों को विस्थापित करने पर आमादा है।
आगे की सुनवाई
फिलहाल हाईकोर्ट ने मामले में सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि सरकार ने अदानी सीमेंट को 3000 बीघा जमीन देने का फैसला किन कानूनी आधारों पर किया।
इस मामले में वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी सिंह जी लिखते हैं-
BJP शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों में होड़ लगी है कि वे अगर मोदीजी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो उसका रास्ता वाया अड़ानी जी के होकर गुजरता है, नतीजे कुछ इस तरह के आ रहे हैं।
असम के कांग्रेसी मूल के टर्नकोट मुख्यमंत्री बिस्व शर्मा ने एक सीमेंट फैक्ट्री लगाने के लिए तीन हजार बीघा जमीन अड़ानी जी को सप्रेम भेंट की।
मामले को हाईकोर्ट में चुनौती मिली। सुनवाई करने वाले जज की यह तथ्य जानकर आंखें फैल गईं जब सरकारी वकील ने इसकी पुष्टि करते हुए तर्क प्रस्तुत किये। जज ने दो तीन बार पूछा कि क्या सचमुच इतनी बड़ी ज़मीन का टुकड़ा यूं ही अड़ानी जी को भेंट किया गया है?
जज साहब तो चौंक पड़े पर आप पर तो ऐसी सूचनाओं का असर होना ही बंद हो चुका है! अड़ानी ग्रुप ने कुछ समय पहले ही महाबल ग्रुप में इन्वेस्टमेंट करने की सार्वजनिक घोषणा की थी।
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