नई दिल्ली: अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) को उद्योगपति गौतम अडानी और सागर अडानी को भारत में कानूनी नोटिस तामील कराने में अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। बीते आठ महीनों में यह पांचवीं बार है जब SEC ने न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर कहा है कि भारत के विधि एवं न्याय मंत्रालय (MoLJ) के जरिए समन की तामील में कोई ठोस प्रगति नहीं हो पाई है।
12 दिसंबर को दाखिल दो पन्नों की रिपोर्ट में SEC के वकील क्रिस्टोफर एम. कोलोराडो ने मजिस्ट्रेट जज जेम्स आर. चो को बताया कि आयोग भारतीय मंत्रालय के संपर्क में तो है, लेकिन अब तक अडानी बंधुओं को कानूनी दस्तावेज सौंपे नहीं जा सके हैं। SEC ने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि उसके प्रयास जारी हैं और आगे की स्थिति से अवगत कराया जाता रहेगा।
यह मामला नवंबर 2024 में दाखिल की गई मूल शिकायत के एक साल से अधिक समय बाद भी शुरुआती चरण में ही अटका हुआ है। चूंकि गौतम और सागर अडानी भारत में रहते हैं, इसलिए अमेरिकी कानून के तहत समन हेग सर्विस कन्वेंशन के जरिए कूटनीतिक माध्यम से भेजा जाना जरूरी है। SEC ने फरवरी 2025 में पहली बार भारत सरकार से औपचारिक रूप से मदद मांगी थी।
हालांकि, फरवरी में ही भारत सरकार के विधि कार्य विभाग ने एक आरटीआई के जवाब में कहा था कि उसे ऐसा कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि SEC ने अमेरिकी अदालत को सूचित किया था कि प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अप्रैल 2025 में SEC ने दावा किया कि भारतीय मंत्रालय ने अनुरोध की पुष्टि कर दी है और स्थानीय न्यायिक अधिकारियों से समन तामील कराने को कहा गया है। इसके बावजूद जून, अगस्त, अक्टूबर और अब दिसंबर में दाखिल सभी रिपोर्टों में यही कहा गया है कि अब तक समन की तामील नहीं हो सकी है।
SEC ने कूटनीतिक रास्ते के अलावा अडानी समूह के वकीलों से सीधे संपर्क करने की भी कोशिश की थी। आयोग ने गौतम अडानी के वकील को ‘नोटिस ऑफ लॉसूट’ और समन से छूट (waiver) का अनुरोध भेजा, लेकिन SEC के मुताबिक न तो गौतम अडानी और न ही सागर अडानी ने समन लेने पर सहमति दी।
SEC की नवंबर 2024 में दाखिल 39 पन्नों की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के संस्थापक और चेयरमैन गौतम अडानी तथा कार्यकारी निदेशक सागर अडानी ने भारत की सबसे बड़ी सोलर पावर परियोजना से जुड़े ठेके हासिल करने के लिए कथित तौर पर रिश्वत योजना चलाई और 2021 के एक डेब्ट ऑफर के दौरान अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया। अडानी समूह ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है।
इसी मामले से जुड़े एक अलग कदम में SEC ने अज्योर पावर ग्लोबल लिमिटेड के पूर्व बोर्ड सदस्य सिरिल कैबानेस पर भी विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (FCPA) के उल्लंघन का आरोप लगाया है। वहीं, न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने समानांतर आपराधिक मामले में गौतम और सागर अडानी समेत आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश के आरोपों में अभियोग भी सार्वजनिक किया है। आरोप है कि करीब 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत देकर ऐसे सोलर कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए गए, जिनसे 20 साल में लगभग 2 अरब डॉलर के मुनाफे की उम्मीद थी।
हालांकि, सभी आरोपी फिलहाल अमेरिका से बाहर हैं, इसलिए जारी गिरफ्तारी वारंट के बावजूद किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इस बीच, जून 2025 में अमेरिकी सरकार द्वारा नए दिशा-निर्देश जारी किए जाने के बाद भी SEC के पास अमेरिका में सूचीबद्ध कंपनियों के खिलाफ सिविल कार्रवाई का अधिकार बना हुआ है।
इस पूरे घटनाक्रम पर एक बड़ा राजनीतिक सवाल भी उठता है। भारत में आम धारणा रही है कि अडानी समूह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीधी राजनीतिक छत्रछाया में काम करता है। जब देश के भीतर ही जांच एजेंसियां और संस्थान अडानी समूह के मामलों में या तो निष्क्रिय दिखते हैं या बेहद सतर्क, तो फिर यह उम्मीद कैसे की जा सकती है कि अमेरिकी एजेंसियों के नोटिस और समन आसानी से भारत में तामील हो जाएंगे? आलोचकों का कहना है कि सत्ता-संरक्षण और संस्थागत चुप्पी का यह गठजोड़ ही वह वजह है, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कानूनी प्रक्रिया बार-बार ठहर जाती है। ऐसे में सवाल सिर्फ अमेरिकी नोटिस का नहीं, बल्कि भारत में जवाबदेही और कानून के समान अनुप्रयोग का भी है।



Prakashsinh Chauhan
December 16, 2025 at 7:46 am
आपको किसी भी तरह का ज्ञान नहीं है, आप बस राहुल गांधी कि तरह बेबुनियादि बकवास करने के लिए ये प्लेटफॉर्म बनाया हैं। आप जेसो का काम बस इल्ज़म लगाओ, और लगाओ, बारबर लगाओ, और दिखाओ, भाई पब्लिक पागल नहीं है इतना समझ में नहीं आता, अपने कभी शांति से बैठकर सोचा है कि हमारे देश की जनता श्री नरेंद्रजी को बारबार देश के प्रधान मंत्री क्यों बना रहे है ? नहीं सोचा है तो सोच कर देखो की तुम पागल हो या देश की जनता ! कृप्या करके पागल मत बनो और पागल समझने का ये मंच बंद करो, धन्यवाद जय जय श्री राम
Kamal Lakhera
December 17, 2025 at 7:35 pm
जय घोटाला सरकार
Prakashsinh Chauhan
December 16, 2025 at 7:46 am
आपको किसी भी तरह का ज्ञान नहीं है, आप बस राहुल गांधी कि तरह बेबुनियादि बकवास करने के लिए ये प्लेटफॉर्म बनाया हैं। आप जेसो का काम बस इल्ज़म लगाओ, और लगाओ, बारबर लगाओ, और दिखाओ, भाई पब्लिक पागल नहीं है इतना समझ में नहीं आता, अपने कभी शांति से बैठकर सोचा है कि हमारे देश की जनता श्री नरेंद्रजी को बारबार देश के प्रधान मंत्री क्यों बना रहे है ? नहीं सोचा है तो सोच कर देखो की तुम पागल हो या देश की जनता ! कृप्या करके पागल मत बनो और पागल समझने का ये मंच बंद करो, धन्यवाद जय जय श्री राम
Indian
December 16, 2025 at 8:40 am
Why u r worried? Paid media?