ओमप्रकाश तिवारी-
दुनिया भर के शेयर बाजार में गिरावट है। भारत में भी अरबों रुपये डूब गए। सोमवार को यह सब हो रहा है। रविवार को अमेरिका में ट्रंप और मस्क के ख़िलाफ़ 50 राज्यों में और दुनिया भर में प्रदर्शन हुए।
मामला वही ट्रंप की टैरिफ़ नीति और सरकारी नौकरियों में छंटनी। विवादास्पद सामाजिक नीतियां थीं। अमेरिका से विरोध प्रदर्शन से जो तस्वीर आई वह हिला देने वाली।
अमेरिका की नीति केवल अमेरिका के लोगों को ही नहीं पूरी दुनिया को डराने वाली है। हर कोई प्रभावित होने वाला है बल्कि हो रहा है। ऐसे में खबर बड़ी है। दुनिया की पहली खबर है। भारत के हिंदी पट्टी के अखबार खबर समझ ही नहीं पाए या उनका जनता और समाज से सरोकार ही नहीं रह गया है।
उनकी पहले पेज की जो खबर रही उसमें वह वैज्ञानिक तरीक़े से होने वाली प्रक्रिया में परमसत्ता का चमत्कार खोजने नहीं बल्कि बताने वाली रही।



अमित चतुर्वेदी-
एक मच्छर आदमी को हिजड़ा बना सकता है, ये बात कितनी सच है ये तो पता नहीं लेकिन एक पगला पूरे दुनिया की ऐसी तैसी कर सकता है, ये बात तो एकदम सच है।
सौमित्र रॉय-
- भारत के शेयर बाजार से 16 लाख करोड़ स्वाहा।
- S&P 500 ने दो दिन में $5 ट्रिलियन गंवाये।
- मंदी का संकेतक कच्चा तेल अप्रैल 2021 के बाद सबसे निचले स्तर पर।
- Brent और WTI एक सप्ताह में 11 फीसदी टूटे।
- Goldman Sachs ने कहा अगले 12 माह में अमेरिका में मंदी के आसार 45 फीसदी, पहले 35 फीसदी का अनुमान था ।
समरेन्द्र सिंह-
स्टॉक मार्केट से दूर रहें और कुछ समय जमीन और सोने में भी निवेश से बचें। खासतौर से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ‘निवेश’ करने से बच सकते हों तो बच जाएं। जिन्हें अपने रहने के लिए कुछ खरीदना है वो ठीक से मोल भाव करके खरीदें। जेवर एयरपोर्ट के नाम पर लूट मची है। जो कोई भी 24 पर्सेन्ट रिटर्न की गारंटी दे रहा है या फिर इस तरह का कोई भी गैरवाजिब वादा कर रहा है, वो आपकी मेहनत की कमाई डुबो देगा। आपको फंसा देगा। दूर रहें। पता नहीं, RERA जैसी संस्था इस तरह के विज्ञापनों को जारी करने कैसे देती है। ये अपने आप में एक बड़ा घोटाला है। जांच होनी चाहिए।


