कानपुर | किसी को उम्मीद नहीं थी कि साकेत नगर का रहने वाला एक लोकल चैनल ABC न्यूज़ संचालक अधिवक्ता संगठित अपराध में लिप्त मिलेगा। दुबे के इसी घर को साकेत दरबार कहा जाता था। एसआईटी की शुरुआती जांच में कई दरबारी, अफसर और ठेकेदार परेशान नज़र आ रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जमीनी स्तर से लेकर सरकारी विभागों में दरबारियों की पकड़ कितनी मज़बूत थी।
बहरहाल, कानपुर पुलिस ने अखिलेश दुबे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। उसकी पैरवी करने के लिए शहर के तमाम दिग्गज लगे हुए हैं। और तो उन विष कन्याओं (लड़कियों) की तलाश भी जारी है जिनका इस्तेमाल रईसजादों और व्यापारियों को फंसाने में किया जाता था।
जांच एजेंसी ने ऐसे कई लोगों की पहचान की है, जो साकेत दरबार की कृपा से मलाई काट रहे थे। इनमें नगर निगम, केडीए और तहसील स्तर के कई कर्मचारी, अफसर और ठेकेदार शामिल हैं। एसआईटी ने कुछ संदिग्ध दरबारियों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया है।
कई दारोगा-इंस्पेक्टर जल्द नपेंगे
अखिलेश के पूरे नेटवर्क पर फोकस्ड एसआईटी को पुराने होटल कारोबारियों और माफिया संग रिश्ते मज़बूत करने के लिए पहचाने जाने वाले कई पुलिस अफसरों के बारे में अहम जानकारी मिली है। सूत्र बताते हैं कि, कुछ पुलिस अफसरों को पहले ही राडार पर लिया जा चुका है। दरअसल, जांच टीम को पता चला कि ये अफसर लगातार दरबार में हाजिरी लगाते थे। गाड़ी, गनर और ठसक के साथ साकेत के दरबार में पहुंचते थे। एसआईटी अब इनके खिलाफ भी सबूत जुटा रही है।
केडीए, नगर निगम और तहसील स्तर के सदस्यों में
तकरीबन 35 साल से साकेत-गिरोह का दरबार, सरकारी दफ्तर और दरबार से सटे सरकारी विभाग के ठिकानों पर पुलिस-गुप्तचर महकमा अब अधिक सक्रिय है। जांच में पता चला है कि केडीए के कई इंजीनियर और बाबू, नगर निगम के अधिकारी और तहसील कर्मी दरबार में नियमित आते-जाते थे। इनके ज़रिए ज़मीन संबंधी कई फाइलें तेज़ी से निपटाई जाती थीं।
एसआईटी ने इस सिलसिले में कुछ लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, कई लोगों ने डर के माहौल में अपने बयान दिए।
दरबारियों के फोन स्विच-ऑफ, लापता हुए

सरकारी कर्मचारियों और दारोगा-इंस्पेक्टरों के साथ-साथ कई दरबारी भी विवादित फोन कॉल्स और लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाले जाने के बाद से भूमिगत हो गए हैं। कुछ ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए, जबकि कुछ ने ठिकाने बदल लिए हैं।
सूत्र बताते हैं कि इस मामले में जांच एजेंसी को लगातार चौंकाने वाले सुराग मिल रहे हैं। इन सुरागों के आधार पर जल्द ही कई बड़ी कार्रवाइयां होने वाली हैं।




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