हल्द्वानी। अमर उजाला की हल्द्वानी यूनिट में रिर्पोटरों के जाने का सिलसिला थम नहीं रहा है। स्थानीय सम्पादक के व्यवहार से न सिर्फ रिपोर्टर बल्कि यूनिट में ज्यादातर परेशान हैं। संपादक की ओर से किए जा रहे प्रयोग से परेशान होकर रिपोर्टर अखबार से किनारा करने में भलाई समझ रहे हैं।
सम्पादक के कार्यकाल में दो दर्जन से अधिक रिपोर्टर अखबार छोड़ चुके हैं। हाल के चार महीनों में ही पांच नए और पुराने रिपोर्टरों ने अखबार छोड़ दिया। लंबे समय से पिथौरागढ़ ब्यूरो प्रभारी भक्तदर्शन पांडे ने सीनियर रिपोर्टर के रूप में भास्कर डिजिटल ज्वाइन कर लिया।
अक्टूबर में नैनीताल ब्यूरो प्रभारी से हटाकर डेस्क में लाए गए राजीव पांडेय ने अखबार को छोड़कर बरेली में हिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया। उधम सिंह नगर डेस्क इंचार्ज और वरिष्ठ पत्रकार विपिन खर्कवाल ने भी अखबार को अलविदा कह दिया।
काफी समय से उधम सिंह नगर ब्यूरो प्रभारी चंदन बंगारी को डेस्क में लाया गया था और उन्होंने चार दिन में किए ट्रांसफर के तरीके पर ऐतराज जताया था। दिसंबर में उन्होंने भी अखबार को बाय-बाय कर दिया। दिसंबर में ही संपादक ने सिटी के रिपोर्टर अमन को नैनीताल ब्यूरो इंचार्ज बनाया था। तीन दिन प्रभारी रहने के बाद वे अखबार छोड़कर दैनिक जागरण कानपुर चले गए।
इधर अल्मोड़ा, उद्यमसिंह नगर में ब्यूरो और सब स्टेशन में आपसी तकरार से तनाव का माहौल है। एक जिले के ब्यूरो प्रभारी शराब की लत को लेकर चर्चित हैं। संपादक का कार्यकाल में रिपोर्टर की दूसरी पारी है। सम्पादक ने भरोसा कर उसको जिले की जिम्मेदारी दी थी।
चर्चा है कि संपादक के रवैए से नाराज कुछ रिपोर्टर जागरण और हिंदुस्तान के संपर्क में हैं। संपादक लगातार नया रिपोर्टर लाने के लिए ब्यूरो और सिटी में बोलते रहते हैं मगर रिपोर्टर भी माहौल को देखते हुए परिचित रिपोर्टरों को दूर ही रहने की नसीहत देते है। हाल ये है कि यूनिट में पुराने और अनुभवी चेहरे अखबार छोड़ चुके है और ये साल चुनावी है। यूनिट में चल रही उथलपुथल पर प्रबंधन की चुप्पी पर भी रिपोर्टर हैरान हैं।
एक रिपोर्टर द्वारा भड़ास को भेजे गए मेल पर आधारित


