Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

अमिताभ ठाकुर को कस्टडी में पीटा गया, शरीर पर चोटों का कोर्ट ने लिया संज्ञान, एसपी से जवाब तलब!

पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर से गिरफ़्तारी के वक़्त की गई ज़बरदस्ती, शरीर पर आयी चोटें। कोर्ट ने एसपी से माँगी रिपोर्ट। देवरिया जागरण लिखता है कि पुलिस अभिरक्षा में पूर्व पुलिस अधिकारी के शरीर पर आई दो चोटें। सच की खातिर आवाज बुलंद करने वाला एक पूर्व IPS सरकारी प्रताड़ना के एक के बाद दूसरे भयावह दृश्यों से दो चार हो रहा है!! ये धाकड़ पूर्व IPS सत्ता की हवाओं की एक पूरी सल्तनत के खिलाफ खड़ा है!!

लखनऊ- देवरिया में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की शिकायत पर बड़ा कदम उठाते हुए अदालत ने जिले के एसपी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मामला उस समय का है जब पुलिस अभिरक्षा में अमिताभ ठाकुर के शरीर पर चोटें आने का आरोप लगा था। कोर्ट ने इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए कहा है कि किसी भी हालत में पुलिस अभिरक्षा में किसी के साथ दुर्व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। एसपी को 10 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यह आदेश उस वक्त दिया जब बीते बुधवार को अमिताभ ठाकुर को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। पूर्व पुलिस अधिकारी द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने इस मामले में पुलिस से पारदर्शी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

दूसरी ओर, जेल में अमिताभ ठाकुर की पहली रात बेचैनी में बीती। आरोप है कि औद्योगिक प्लाट की जांच के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर उन्हें गिरफ्तार किया गया। इस दौरान उनसे मारपीट किए जाने और हाथापाई में चोट लगने की बात सामने आई थी। अदालत में पेशी के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस अभिरक्षा में प्रताड़ित किया गया है। कोर्ट ने इस बयान को रिकॉर्ड में लेते हुए मेडिकल रिपोर्ट मंगवाई और एसपी को जांच का जिम्मा सौंपा।

अमिताभ ठाकुर ने अदालत को बताया कि 1998 से 2000 के बीच की फाइलों को गलत तरीके से उनके ऊपर थोपने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें फंसाने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से अनुचित दबाव बनाया गया। अदालत ने इन सभी आरोपों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पूरा प्रकरण गंभीर है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद पूरा मामला फिर सुर्खियों में आ गया है और अब नज़रें पुलिस प्रशासन की ओर से आने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन