पॉजिटव पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान रखने वाली पत्रिका फेम इंडिया ने वरिष्ठ पत्रकार अनिल सिंह से नाता जोड़ा है। अनिल सिंह लगभग ढाई दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वह प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल तीनों मीडिया का अच्छा-खासा अनुभव रखते हैं, और वह फेम इंडिया में मैनेजिंग एडीटर का दायित्व संभालेंगे। फेम इंडिया की प्रकाशक राजश्री सोंथालिया के अनुसार उन्हें अनिल सिंह के अनुभव और धारदार पत्रकारिता का अच्छा लाभ मिलेगा। वो प्रधान संपादक धीरज भारद्वाज की टीम का हिस्सा होंगे, और देश भर में चल रहे सर्वेक्षणों और रिपोर्टों की निगरानी करेंगे।
गौरलतब है कि फेम इंडिया ने हाल ही में अपने तेवर और कलेवर में बदलाव कर उसे नयी पीढ़ी से जोड़ने की कोशिश की है। धीरज भारद्वाज के अनुसार आगामी अंक के लिए देश भर के उत्कृष्ट जिलाधिकारियों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। पत्रिका ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट नेतृत्व करने वालों को प्रोत्साहन देने की पहल करते हुए देश भर के जिलाधिकारियों की उत्कृष्टता और लोकप्रियता का सर्वे शुरू करवाया है। फेम इंडिया मैगजीन यह सर्वे देश की प्रमुख एजेंसी एशिया पोस्ट के सहयोग से कर रही है।
अनिल सिंह के अनुसार वर्तमान में भारत में लगभग 800 जिले हैं, जिनमें कार्यरत हजारों प्रशासनिक अधिकारियों के बीच से सर्वश्रेष्ठ का चयन एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। इस उद्देश्य के लिए फेम इंडिया मैगजीन ने देश की प्रतिष्ठित सर्वे एजेंसी एशिया पोस्ट के साथ मिलकर एक व्यापक और बहुआयामी सर्वेक्षण शुरू किया है। इस सर्वे में विभिन्न स्रोतों, विशेषज्ञों की राय, ग्राउंड रिपोर्ट्स और मीडिया विश्लेषण को आधार बनाते हुए ऐसे लोकप्रिय जिलाधिकारियों का चयन किया जा रहा है, जिन्होंने अपनी कार्यशैली और उपलब्धियों से विशिष्ट पहचान बनाई है।
देश और राज्य की सरकारें विकास की जो व्यापक नीतियां और योजनाएं तैयार करती हैं, उन्हें वास्तविक स्वरूप देने का कार्य जिला प्रशासन के माध्यम से ही संभव होता है। इस प्रक्रिया में जिलाधिकारी की भूमिका केवल एक प्रशासक की नहीं, बल्कि एक कुशल प्रबंधक, दूरदर्शी योजनाकार और संवेदनशील नेतृत्वकर्ता की होती है। एक लोकप्रिय और सक्षम जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करता है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी वर्ग इससे वंचित न रहे।
इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए फेम इंडिया अपने विशेष अंक “लोकप्रिय कलेक्टर 2026” के माध्यम से देश के उन जिलाधिकारियों के कार्यों और उपलब्धियों को सामने लाने का प्रयास कर रहा है, जिन्होंने अपने कार्यकाल में उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, नवाचार और जनसेवा की मिसाल पेश की है। अनिल सिंह के अनुसार एक जिम्मेदार और सकारात्मक मीडिया संस्थान के रूप में फेम इंडिया ने यह पहल की है कि देश निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट्स और डिप्टी कमिश्नर्स को उचित पहचान और सम्मान दिया जाए।
उन्होंने आगे बताया कि भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में एक प्रचलित धारणा है कि किसी जिले में जिलाधिकारी ही वह प्रमुख स्तंभ होता है, जिसके पास आम जनता के जीवन में वास्तविक और ठोस परिवर्तन लाने की क्षमता होती है। हालांकि विकास की प्रक्रिया में अनेक संस्थाएं और व्यक्तित्व योगदान देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर योजनाओं को क्रियान्वित कर उन्हें आम लोगों तक पहुंचाने की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जिलाधिकारी की ही होती है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत सभी चयनित अधिकारियों का मूल्यांकन एक विस्तृत स्टेकहोल्डर सर्वे के माध्यम से किया गया है, जिसमें उन्हें अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी से एक प्रमुख और लोकप्रिय जिलाधिकारी का चयन कर उन्हें फेम इंडिया के आगामी अंक में स्थान दिया जाएगा।
फेम इंडिया और एशिया पोस्ट द्वारा किया जा रहा यह सर्वे 10 प्रमुख मानदंडों पर आधारित है, जिनमें शामिल हैं— उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, प्रभावी गवर्नेंस, दूरदर्शिता और नवाचार, जवाबदेह कार्यशैली, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, संकट प्रबंधन कौशल, संवेदनशीलता और गंभीरता, व्यवहार कुशलता, जनसंपर्क और संवाद क्षमता, और विकासोन्मुख सोच। यह सर्वेक्षण न केवल प्रशासनिक उत्कृष्टता को पहचान देने का प्रयास है, बल्कि यह उन अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है, जो सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं।



Vijay pandey
March 30, 2026 at 10:33 am
Sahi kandhon per sahi jimmedari
Sanket Chaturvedi
April 15, 2026 at 2:02 pm
great
Sanket Chaturvedi
April 15, 2026 at 2:03 pm
congratulations