गुणानंद जखमोला-
यूपीसीएल के एमडी अनिल यादव का कार्यकाल इस माह पूरा हो जाएगा। सुना है कि सीएम धामी उनको दो साल का सेवा विस्तार दे रहे हैं। उनके गुणगान में मीडिया निहाल है। लेकिन मेरा सवाल है कि अनिल यादव को सेवा विस्तार क्यों? क्या राज्य में एक भी ऐसा अफसर नहीं कि जो उनके समान कुशल हो, कैपेबल हो। या अनिल यादव ने लद्दाख में चीनी सेना या एलओसी पर पाक सेना के साथ जंग लड़ी है जो उसे सेवा विस्तार दिया जा रहा है। क्या उसकी छवि स्वच्छ है। कोई आधार तो हो इस सेवा विस्तार का।
अनिल यादव पर युवा नेता बॉबी पंवार समेत कई लोगों ने करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उनके बेटे की फर्म को लेकर पटेल नगर थाने में भी केस दर्ज है और इस पर पिछले दो साल से जांच लंबित है। विजिलेंस जांच भी चल रही है। राज्य गठन के बाद से प्रदेश में जितनी भी विजिलेंस जांच हुई हैं, उनमें एक भी बड़े नेता या अफसर को जेल नहीं भेजा गया। सरकारों ने बड़ी चालाकी से विजिलेंस को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया।
एडवोकेट सुनील गुप्ता ने दिल्ली में 28 मई को प्रेस वार्ता कर यूपीसीएल के एमडी अनिल यादव पर 200 करोड़ की संपत्ति बटोरने का दावा किया। उनका आरोप है कि डायरेक्टर अजय अग्रवाल के साथ मिलकर दर्जनों घोटाले से कई हजार करोड़ रूपये के प्रोजेक्टों की बंदरबांट की।
बॉवी पंवार ने कुछ दिन पहले प्रेस कांफ्रेंस कर अनिल यादव के आय से अधिक संपत्ति का मामला उठाया था। बॉबी ने अनिल यादव पर स्वयं, पत्नी, पुत्र और पुत्री के नाम पर आय से अधिक संपत्ति बटोरने का आरोप लगाया। भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत उन पर जांच भी बैठी थी। जांच क्या हुआ और क्या कार्रवाई हुई? धामी सरकार ने यह खुलासा नहीं किया और सेवा विस्तार दे दिया।
मैंने खुद अनिल यादव के बेटे इशान की कंपनी द्वारा पिटकुल में 26 करोड़ों के टेंडर लेने संबंधी एक आरटीआई पिटकुल में लगाई। 3700 पेजों का चिट्ठा है मेरे पास। यह मामला पटेल नगर थाने का है। आईजी गढ़वाल केएस नगन्याल ने मुझे एक साल पहले बताया था कि अब इस मामले की जांच विजिलेंस कर रही है। पटेल नगर थाने में आरटीआई दी थी, जिसका जवाब आया था जांच लंबित है तो बता नहीं सकते।
सरकारें आईं और गईं, लेकिन कोई भी अनिल यादव के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सका। ठीक है, सब चुप हैं, लेकिन सच यही है कि यदि भ्रष्टाचार के आरोपी अनिल यादव को सीएम धामी सेवा विस्तार दे रहे हैं तो समझ से परे है कि इस पर इतनी मेहरबानी क्यों?
यदि सेवा विस्तार नहीं दोगे तो सचिवालय की बिजली काट देगा क्या? भ्रष्टाचार के आरोपी यूपीसीएल के एमडी अनिल यादव मामले की न्यायिक जांच हो।


