उत्तराखंड की धरती एक बार फिर सवालों से कांप रही है। अंकिता भंडारी हत्याकांड सिर्फ एक बेटी की हत्या नहीं, बल्कि सत्ता, सिस्टम और संरक्षण की उस काली परत का नाम बन चुका है, जिसे बार-बार ढकने की कोशिश की गई।
तीन साल बाद भी देश पूछ रहा है— वो VIP कौन है, जिसके नाम पर दिल्ली से देहरादून तक सन्नाटा पसरा है? पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का दावा है कि अब सच “गट्टू” बनकर उछल रहा है, और पर्दा हटाने वाला कोई और नहीं, बल्कि भाजपा का ही जाना-पहचाना चेहरा है। कांग्रेस नेताओं से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों तक, एक ही मांग गूंज रही है— निष्पक्ष जांच, CBI जांच, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी और हर हाल में सज़ा।
सरकार पर आरोप है कि वह न्याय नहीं, VIP को बचाने में जुटी है, जबकि जनता कह रही है— अगर अंकिता को न्याय नहीं मिला, तो यह सिर्फ एक केस नहीं, लोकतंत्र की हत्या होगी।
हरीश रावत-
सच दबेगा नहीं, सामने आएगा…..!! सारा उत्तराखंड और देश पूछ रहा है कि वह वीआईपी कौन है? जिस पर भाजपा दिल्ली से देहरादून तक मौन है!
अब वह VIP उछलकर एक “गट्टू” के रूप में सामने आया है। अब वह चेहरा बेनकाब हुआ है और उस चेहरे को बेनकाब करने वाला भाजपा का ही जाना-पहचाना चेहरा है।
जो भाजपा के युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, दो बार भाजपा के विधायक रहे हैं और कई बार उम्मीदवार रहे हैं, वह उसको सार्वजनिक कर रहे हैं और कथित रूप से प्रेमपूर्वक अपनी तथाकथित पत्नी से हुई वार्तालाप में इन तथ्यों को कह रहे हैं।
मंजीत नेगी-
अंकिता भंडारी के न्याय की लड़ाई हम सबकी साझा लड़ाई है। यह किसी राजनीतिक या वैचारिक बहस का मुद्दा होना ही नहीं चाहिए।
अंकिता हमारी बेटी थी, हमारी बहन थी। हाल ही में सामने आए नए तथ्यों और आरोपों की निष्पक्ष जाँच आवश्यक है। मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच अब और टल नहीं सकती।
हर तथ्य, हर आरोप की पूरी समीक्षा होना अनिवार्य है, जांच CBI को सौंपी जाए सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में। किसी भी दोषी को ताक़त, पद या प्रभाव के चलते बख़्शा नहीं जा सकता।
न्याय प्रक्रिया तेज़, पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। अंकिता को न्याय मिलेगा तभी समाज सच में सुरक्षित और कानून निष्पक्ष कहलाएगा।
गणेश गोदियाल-
अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल VIP भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखण्ड प्रभारी दुष्यंत गौतम तथा भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की तत्काल गिरफ्तारी और अंकिता हत्याकांड की निष्पक्ष जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में CBI से कराए जाने की मांग को लेकर आज देहरादून में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित विशाल कैंडल मार्च में हिस्सा लिया। इस मार्च में बड़ी संख्या में आम जनता व कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
भाजपा सरकार लगातार इस मामले में लीपापोती कर VIP को बचाने का काम कर रही हैं लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। कांग्रेस पार्टी प्रदेश की जनता के साथ मिलकर भाजपा सरकार की ईंट से ईंट बजाने का काम करेगी।
शुभम शुक्ला-
पत्रकार आशुतोष नेगी गरीब, पीड़ित, शोषित, वंचित, लाचार मृतका“अंकिता भंडारी” के केस को लगातार उठा रहे थे।
साल 2024 में उन पर SC-ST एक्ट में केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया था। तब आपको पता है सब मौन थे, राइट, लेफ्ट, सेक्युलर, निष्पक्ष किसी पत्रकार ने आवाज नहीं उठाई। ये वीडियो तब मैंने ट्विटर पर डाला था।
आज एक बार फिर अंकिता भंडारी का केस पूरे देश में चर्चित है। भगवान से हाथ जोड़कर निवेदन है उस मासूम लड़की को न्याय दें। आरोपी कितना भी ताकतवर क्यों ना हो उस दरिंदे को ऐसी सजा दें कि उसके कीड़े पड़ें।


