अरनब हाजिर हों, विनोद दुआ बचे, दिनेश गौतम की नई पारी, सचिन शर्मा प्रभात खबर से हटे

वरिष्ठ पत्रकार अरनब गोस्वामी के खिलाफ सम्मन जारी किया गया है। श्रीनगर की चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने अरनब समेत कइयों को नौ फरवरी को कोर्ट में पेश होने को कहा है। पूर्व मंत्री व पीडीपी के वरिष्ठ नेता नईम अख्तर ने अरनब व अन्य के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया है। याचिका में अख्तर का कहना है कि गोस्वामी व अन्य लोगों ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के झूठे व निराधार आरोप लगाए हैं। इस शिकायत में अरनब गोस्वामी के अलावा रिपब्लिक टीवी के संवाददाता ज़िशान फ़ाज़िल और आदित्य राज कौल आदि को भी आरोपी बनाया गया है।

विनोद दुआ पर लगे आरोपों की जांच करने वाली समिति ने खुद को ही कर लिया भंग…. ऐसा बहुत कम देखा जाता है जब किसी के खिलाफ जांच करने वाली टीम बजाय जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के, खुद को ही भंग कर आरोपी को पूरी तरह मुक्त कर दे. विनोद दुआ यौन उत्पीड़न प्रकरण में यही हुआ है. विनोद पर लगे आरोपों की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय बाहरी समिति ने अपने आप ही मामले से पैर खींचते हुए खुद को भंग कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज आफताब आलम की अध्यक्षता वाली इस समिति के सदस्यों में पटना हाई कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस अंजना प्रकाश, प्रोफेसर नीरा चंढोक, पूर्व विदेश सचिव सुजाता सिंह और प्रोफेसर पैट्रिशिया ओबेराय शामिल थे. 30 दिसंबर को जारी रिपोर्ट में कमेटी का कहना था कि वह इस मामले में अपना काम आगे नहीं बढ़ा पा रही है, क्योंकि दोनों पक्ष बिना शर्त सहमति देने के लिए तैयार नहीं हैं. विनोद दुआ ने एक लिखित बयान जारी कर गुजारिश की थी कि उनके इसी बयान को इस मामले में आखिरी जवाब माना जाए, इसके बाद वह कोई जवाब नहीं देंगे। ज्ञात हो कि विनोद दुआ के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप महिला फिल्म निर्माता निष्ठा जैन ने लगाया था।

वरिष्ठ पत्रकार दिनेश गौतम ने ईटीवी भारत ज्वाइन किया है. उन्हें यहां मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, बिहार और झारखंड का न्यूज एडिटर बनाया गया है. दिनेश गौतम सहारा समय, जी न्यूज समेत कई चैनलों में काम कर चुके हैं.

पटना से खबर है कि प्रभात खबर के पटना के संपादक सचिन शर्मा को प्रबंधन ने टाटा बाय बाय कह दिया है. सचिन अमर उजाला इलाहाबाद के भी संपादक थे और उन्हें वहां से भी अचानक जाना पड़ा था. चर्चा है कि प्रभात खबर प्रबंधन जो प्रसार चाहता था, वह सचिन शर्मा नहीं दे पाए. अखबार बेहतर न हो पाने के कारण प्रभात खबर पटना में संपादकों पर लगातार गाज गिर रही है.

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