निशीथ जोशी-
अरुण कुमार सिंह “मुन्ना” होना आसान नहीं नामुमकिन है। कल हम दिल्ली में थे। खबर मिली मुन्ना भाई मर गए। एक झटका सा लगा। फिर अंदर से आवाज आई मुन्ना भाई मर ही नहीं सकते हैं। उनकी नश्वर काया ने चोला बदलने के लिए शरीर ही त्यागा है।

स्मृति में है 1970 जब हमने मैथोडिस्ट स्कूल त्याग कर सीएवी इंटर कॉलेज में कक्षा 8 में दाखिला ले लिया था। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के चुनाव की चर्चा घर-घर तक पहुँच जाती थी, उस काल में। हम भी पहुँच गए चुनाव प्रचार देखने।
यह पहली बार था जब मुन्ना भाई को देखा था। मुन्ना भाई एक साल बाद इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष बन गए। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का प्रेसिडेंट उस काल में प्रदेश के किसी कैबिनेट मंत्री से अधिक रसूख और ताकत रखता था।
1976 में हम भी यूनिवर्सिटी पहुँच गए बीएससी करने, बायो ग्रुप से। एक पैर म्योर कॉलेज याने साइंस फैकल्टी में दूसरा सीनेट हॉल वाली आर्ट्स फैकेल्टी में। मुन्ना भाई से पहला परिचय यहीं हुआ था जब वे छात्र संघ भवन आए थे। हमारे पिता श्री रमेश जोशी जाने माने पत्रकार थे। हमको भी वही कीड़ा काट रहा था।
जब हमने पत्रकार बन कर उनसे कुछ सवाल पूछे तो उन्होंने आशीर्वाद दिया। यही तेवर बनाए रखना, बहुत आगे जाओगे। फिर हमारे मुन्ना भाई कैबिनेट मंत्री बने यूपी में, हम “माया” के पत्रकार। मुन्ना भाई से अच्छी पटती थी। वे इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के जूनियर छात्रों को छोटे भाई सा प्रेम देते थे, वही हमें भी मिला।
अंतिम बार रुड़की में भेंट हुई थी। मित्र और छोटे भाई वाई पी सिंह के यहाँ एक विवाह समारोह में। मुन्ना भाई से बहुत देर तक बात होती रही। वो जम कर पी लेते थे, उनका वह रूप देख दुख जरुर हुआ। अब यह खबर मिली। बहुत सी यादेँ हैं उनकी। जो सदा बनी रहेंगी।
अभी भाई अनुग्रह नारायण सिंह की पोस्ट पढ़ी। जो इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के लोक प्रिय अध्यक्ष रहे। उनको चुनाव जिताने में मुन्ना भाई अहम कड़ी थे।। अनुग्रह भाई को पढ़ते ही हमने यह पोस्ट लिखी है। अनुग्रह भाई ने मुन्ना भाई के सबकी मदद करने के लिए खड़े होने वाले गुण को आत्मसात किया। ऐसे मुन्ना भाई सदा जीवित रहेंगे। विचारों में, यादों में। पुनः विनम्र श्रद्धांजलि और शत शत नमन।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री आदरणीय अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना’ जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।
आज रामनगर, मुंगराबादशाहपुर (जनपद- जौनपुर) स्थित उनके आवास पहुँचकर शोकाकुल परिजनों से भेंट की और अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। मुन्ना जी का जाना कांग्रेस परिवार और प्रदेश की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
बाबा विश्वनाथ पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं परिजनों को यह भारी दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
विनम्र श्रद्धांजलि! अजय राय, कांग्रेस नेता



