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सियासत

क्या अश्वनी वैष्णव ने फर्जी कंपनी के जरिए 6 साल में 1 लाख से 113 करोड़ रुपये कमाए?

सुरेश चिपलुनकर-

यदि यह खबर सही है, अथवा इसमें थोड़ा सा भी तथ्य है, तो इसकी जांच होनी चाहिए.. (ऐसी मांग करने में क्या हर्ज है, मालूम है कि होगा तो कुछ नहीं। ) तो ध्यान से पढ़िए…

एक लाख रुपए का इन्वेस्टमेंट कितने समय में 113 करोड़ हो जाएगा? शायद 50 साल में… लेकिन अगर आप एक लाख रुपए से एक जाली कंपनी खोलें, और माइनिंग माफिया से हाथ मिला लें, तो आप उस एक लाख रुपए से 113 करोड़ फटाफट बना सकते हैं..

बात कुछ यूं शुरू होती है–

ओडिशा कैडर के आईएएस रहे अश्विनी वैष्णव कुछ वक्त पीएमओ और वर्ल्ड बैंक में भी रहे। 2010 में नौकरी छोड़कर अश्विनी ने 2015 में बीवी सुनीता के साथ एक जाली कंपनी बनाई–एडलर इंडस्ट्रियल सर्विसेज। पूंजी लगाई–1 लाख रुपए।

बिना उत्पादन, बिना फैक्ट्री के एडलर की पूंजी उसी साल 45 लाख हो गई। 44 लाख डालने वाली कंपनी थी त्रिवेणी अर्थमूवर्स।

2013 में शाह कमीशन की रिपोर्ट में ओडिशा की त्रिवेणी पर अवैध खनन के एवज में 900 करोड़ का जुर्माना लगा था। बाद में उसे कम कर दिया गया।

2016–17 में एडलर की पूंजी 3.79 करोड़ हो गई। अश्विनी ने उसमें से 2.26 करोड़ सैलरी के लिए, सुनीता ने 18 लाख और बाकी स्टाफ के लिए 2 लाख निकाले।

2017 में अश्विनी त्रिवेणी पैलेट्स (सहायक कंपनी) का डायरेक्टर बन गया। फिर त्रिवेणी ने उसी साल एडलर के खाते में 111.5 करोड़ डाले। फिर एडलर ने त्रिवेणी से 77 करोड़ का लोन लिया। बदले में त्रिवेणी के मालिक प्रभाकरण ने JSW के सज्जन जिंदल से मिलकर ब्राह्मणी रिवर पैलेट्स नाम की कंपनी औने–पौने में खरीद ली।

ये खनन माफिया और राजनीति की मिलीभगत का शानदार उदाहरण था। गोदी मीडिया के दल्लों ने इसे अनदेखा किया।

2018–19 में एडलर को 4.51 करोड़ और 2019–20 में 48 करोड़ और मिले। 77 करोड़ का लोन भी चुकाकर 52 करोड़ का नया लोन लिया।

हालांकि, एडलर ने कभी नहीं दिखाया कि उसने कोई उत्पादन किया है, लेकिन खाते में पैसे आते रहे।

2020–21 में एडलर के खाते में 323 करोड़ जमा हो चुके थे। 1 लाख की जमा पूंजी 11 हजार प्रतिशत बढ़ चुकी थी। उसमें से 91 करोड़ अश्विनी और 23 करोड़ सुनीता के थे।

असल में अश्विनी वैष्णव की एंट्री 2019 में राज्यसभा में हुई थी। उसी साल त्रिवेणी ने इलेक्टोरल फंड में बीजेपी को 11 करोड़ दिए।

इस तरह एक लाख रुपए से फर्जी शेल कंपनी खोलकर अश्विनी वैष्णव ने 113 करोड़ 6 साल में बना लिए। ऐसा लगता है कि महामानव जी के सत्ता से हटने के बाद, बहुत से करप्ट कंकाल निकलेंगे अलमारियों से…

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