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मजीठिया : चाहें आप अवमानना केस में शामिल हैं या नहीं फि‍र भी इसे जरूर पढ़े

साथियों, जैसा कि आप जानते हैं कि माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय ने 12 जनवरी 2016 को अवमानना मामले में सुनवाई के दौरान वकील श्री परमानंद पांडेय जी द्वारा कर्मचारियों की प्रताड़ना का मामला उठाने पर इस संदर्भ में सभी प्रताड़ित कर्मचारियों को affidavit दायर करने का निर्देश दिया है। यह affidavit आप अपने वकीलों के माध्‍यम से 10 फरवरी तक जमा करवा सकते हैं। इसके अलावा इस affidavit को वो साथी भी भर सकते हैं जो अवमानना केस में शामिल नहीं है। इसके अलावा 11 नवंबर 2011 से मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिश लागू होने के बाद होने वाले प्रताड़ित सभी कर्मचारी भी affidavit को भर सकते हैं।

साथियों, जैसा कि आप जानते हैं कि माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय ने 12 जनवरी 2016 को अवमानना मामले में सुनवाई के दौरान वकील श्री परमानंद पांडेय जी द्वारा कर्मचारियों की प्रताड़ना का मामला उठाने पर इस संदर्भ में सभी प्रताड़ित कर्मचारियों को affidavit दायर करने का निर्देश दिया है। यह affidavit आप अपने वकीलों के माध्‍यम से 10 फरवरी तक जमा करवा सकते हैं। इसके अलावा इस affidavit को वो साथी भी भर सकते हैं जो अवमानना केस में शामिल नहीं है। इसके अलावा 11 नवंबर 2011 से मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिश लागू होने के बाद होने वाले प्रताड़ित सभी कर्मचारी भी affidavit को भर सकते हैं।

तबादला, निलंबन और बर्खास्‍तगी के अलावा प्रताड़ना में वे सभी कर्मचारी भी affidavit भर सकते हैं, जिनसे डरा-धमकाकर जबरन इस्‍तीफा लिया गया है या नौकरी की धमकी देकर जिनसे किसी ब्‍लैंक स्‍टाप पेपर या किसी अन्‍य तरह के कागजात पर हस्‍ताक्षर करवाए गए हैं या जिन्‍हें किसी न किसी कारण से लगातार परेशान किया जा रहा है जिससे वे नौकरी छोड़ दें। या जिन्‍हें तबादले की धमकी दी जा रही है। या जिन्‍हें बिना किसी कारण काम पर आने से रोक दिया गया है। या ऐसी स्थितियां निर्मित की गई कि वह कार्यालय ही नहीं गया और अब तक बेगार घूम रहा है।

अवमानना केस में शामिल साथी इस affidavit को अपने वकील के माध्‍यम से भरे तो ज्‍यादा अच्‍छा होगा। यदि वे अन्‍य वकील के माध्‍यम से भरना चाहें तो भी वे ऐसा कर सकते हैं, इसके लिए उन्‍हें एनओसी लेना होगा, यदि उस वकील के पास उस संस्‍थान का केस नहीं है, जिसके माध्‍यम से वे affidavit भरना चाहते हैं। affidavit आप खुद निजी रुप से भी प्राप्‍त कर सकते हैं या दूरदराज के इलाके में रहने वाले साथी इसे ई-मेल या साइट के माध्‍यम से प्राप्‍त कर इसे भर कर डाक द्वारा अपने वकील को भेज सकते हैं।

इसके अलावा अपने वकील को यह जानकारी भी जरूर दें…

– मजीठिया को लेकर श्रमायुक्‍त या उपश्रमायुक्‍त में कोई शिकायत कर रखी हो तो।
– फार्म-सी भर रखा हो।
– सुप्रीम कोर्ट के अलावा किसी भी अन्‍य अदालत में कोई मामला दायर कर रखा हो।
– इनके अलावा भी किसी समक्ष प्राधिकरण के समक्ष कोई शिकायत या मामला दायर कर रखा हो।

नोट- आप चाहें तो अवमानना केस में अभी भी इंपलिड हो सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए आप वकील परमानंद पांडेय जी से बेहिचक संपर्क कर सकते हैं। आप की पहचान गुप्‍त रखी जाएगी।

Advocate Parmanand Pandey
09868553507
[email protected]
[email protected]

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