तालिबान सुगरकोटिंग करना सीख गये हैं!

रंगनाथ सिंह-

कुल मिलाकर यह दिख रहा है कि तालिबान सुगरकोटिंग करना सीख गये हैं। मीडियासेवी भी बन गये हैं। रोचक यह है कि भारत के तालिबान प्रेमी इस सुगरकोटिंग को चुभला चुभला कर मगन हो रहे हैं। महज पाँच साल के शासन के बाद 20 साल के लिए सत्ता छिन जाए तो आदमी को कुछ सबक तो मिल ही जाता है।

सभी धार्मिक कट्टपन्थी विज्ञान की हर देन का फायदा समझ आने पर देर-सबेर उसका इस्तेमाल करने लगते हैं। हमारे प्रोफेसर साहब बताते थे कि उनके बचपन में लाउडस्पीकर को हराम बताने वाले पर्चे पुरानी दिल्ली में बँटते थे। बाद में हर मस्जिद पर लाउडस्पीकर टँग गया। आज उसे हटाने पर विवाद हो जाएगा।

उम्मीद करते हैं इन ट्यूबलाइटों के एक दिन यह भी समझ आ जाएगा कि ईश्वर ऊपर बैठकर किताब नहीं लिखा करता है। किसी की मान्यता है कि ईश्वर ने देवदूत भेजकर उसे किताब भिजवायी तो किसी की मान्यता है कि खुद ईश्वर ने धरती पर आकर किताब लिखवायी।

ईश्वर सर्वशक्तिमान और सर्वव्यापी है तो वो जो चाहे वो कर सकता है। जहाँ चाहे वहाँ आ जा सकता है। जैसे मन वैसे किताब लिखवा सकता है। तार्किक रूप से इतना ही सिद्ध होता है कि ईश्वर की अपनी कोई जबान नहीं है। वो जिन लोगों से मिलता है उन्हीं की जबान बोलने लगता है।

कुछ मौकों पर ईश्वर ने शरारत करते हुए कह दिया कि सारा ज्ञान बस तुम्हें ही दे रहा हूँ। कुछ वैसे ही जैसे कई बार माँ-बाप किसी नटखट बच्चे को फुसलाने के लिए कह देते हैं कि बस तुम्हारे लिए चॉकलेट लाया हूँ। फिर दूसरे बच्चे को कह देते हैं कि टॉमी को मत बताना कि तुम्हें भी दिया है नहीं तो रोने लगेगा।

उम्मीद है कि इनको एक दिन यह भी समझ आएगा कि आज तक लोग जन्नत या जहन्नूम गये ही हैं, वहाँ से होकर आज तक कोई नहीं लौटा जिससे तस्दीक हो सके कि ऐसी भी कोई जगह कहीं है। दूसरों का बुरा सोचना असभ्यता है इसलिए शरीफ लोग घनघोर पापियों को भी स्वर्गवासी या जन्नतनशीं बताते हैं।


Abhishek Srivastava-

सभी आधुनिक सत्ताएं शुगरकोटिंग के बल पर कायम हैं। यही शुगरकोटिंग सत्ता के पतन का कारण बनता है। इसलिए स्थायी सत्ता चाहने वालों को शुगरकोटिंग से परहेज करते हुए यह समझना चाहिए कि सत्ता अपने आप में एक साध्य है। उसका कोई अवलंबन नहीं होना चाहिए। तालिबान की चीनी ही उसे चट कर जाएगी। देखते जाइए। इतिहास से सबक लेने को कोई तैयार नहीं है, तालिबान हो या बिडेन।


Markandey Katju-

Some people think that the Taliban of today are different from the old Taliban.

Disillusion yourselves. They are the same feudal minded junglees and bigots. Very soon no woman will be able to move about in Afghanistan publicly without a burqa , and without a male relative escort, women will be stoned to death for adultery, limbs of thieves will be chopped off, etc.


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