Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

हाईकोर्ट में लंबित मामले को लेकर पत्रकार पर दबाव का आरोप, सवालों में पुलिस की भूमिका!

बरेली के पत्रकार मयूर तलवार ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनका मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है और इसी प्रकरण में बरेली के एसपी सिटी को 21 दिन के भीतर पक्ष रखने का समय दिया गया था। इस दौरान अवमानना याचिका भी दाखिल की गई है, जिसकी अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित है।

मयूर तलवार का आरोप है कि हाईकोर्ट में सुनवाई नजदीक आते ही पुलिस और प्रशासन “बौखला गया” है और किसी भी तरह मामले में समझौता कराने का दबाव बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक पहले बरेली के नेताओं, फिर व्यापारियों और बाद में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े लोगों के जरिए लगातार फोन कर समझौते का दबाव डाला गया। जब इन प्रयासों से बात नहीं बनी, तो पुलिस को ही आगे कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि 25 दिसंबर की शाम करीब 6:25 बजे थाना किला, जनपद बरेली की पुलिस उनके घर पहुंची। उस समय घर पर उनकी माता जी अकेली थीं। पुलिस को देखकर वे घबरा गईं। पुलिस ने उनसे मयूर तलवार के बारे में पूछा और कहा कि जैसे ही वे घर लौटें, तुरंत थाने भेज दिया जाए। पुलिस ने यह भी कहा कि थाना प्रभारी किला ने बुलाया है और बिना देर किए भेजना होगा, ताकि दोबारा आना न पड़े। इस पूरी घटना की कैमरा रिकॉर्डिंग होने का भी दावा किया गया है।

उच्चाधिकारियों को भेजी गई शिकायत की रसीद

इसके तुरंत बाद गढ़ी चौकी प्रभारी आनंद प्रकाश का फोन आया, जिसमें कहा गया कि थाना प्रभारी किला बुला रहे हैं और बताया गया कि पुलिस घर पर भेजी गई थी, लेकिन मयूर तलवार नहीं मिले, इसलिए तुरंत थाने आ जाएं।

मयूर तलवार का कहना है कि जब उन्होंने खुद थाना प्रभारी से फोन पर बात की, तो उन्हें बताया गया कि एसपी सिटी मानुष पारिख के निर्देश हैं कि उन्हें “हड़का कर, डांट-डपट कर रखा जाए” और मामला जल्द से जल्द सुलझाने का दबाव बनाया जाए। कथित तौर पर यह भी कहा गया कि “साहब नाराज हैं” और मामला खत्म कर लेना चाहिए।

पत्रकार का सवाल है कि जब मामला हाईकोर्ट में लंबित है, तो इस तरह का दबाव क्यों बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह सब उस समय किया गया, जब जिले के वरिष्ठ अधिकारी लखनऊ में एक आईपीएस मीट में शामिल थे और बरेली में कोई बड़ा अधिकारी मौजूद नहीं था, ताकि दबाव डालकर समझौता कराया जा सके और वह उच्च अधिकारियों तक शिकायत भी न पहुंचा सकें।

मयूर तलवार ने पूरे मामले को न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप और दबाव की कोशिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मूल खबर…

पत्रकार की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, बरेली के एसपी सिटी मानुष पारिख से 3 सप्ताह में जवाब तलब!

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन