Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

वेब-सिनेमा

मीडिया को दोष देने से पहले, यह भी देखिए कि आप क्या देख-पढ़ रहे हैं?

मेघा उपाध्याय-

पत्रकारों को हर बात के लिए दोष देना आज बेहद आसान हो गया है। लगभग हर दूसरे दिन सोशल मीडिया पर पढ़ने को मिलता है— “पत्रकार अपना काम नहीं कर रहे”, “असल पत्रकारिता मर चुकी है”, “मीडिया बिक चुका है”।

हां, यह सच है कि फील्ड में काम करने वाले कई रिपोर्टर्स को धमकाया जाता है, गालियाँ दी जाती हैं, यहां तक कि उन पर हमले भी होते हैं। लेकिन दर्शक के रूप में हमें भी एक असहज सच स्वीकार करना होगा— पत्रकारिता एकतरफ़ा नहीं, दोतरफ़ा संवाद है।

आप जो देखना चाहते हैं, वही अंततः परोसा जाता है। वर्षों से दर्शकों ने गंभीर खबरों की बजाय मनोरंजन और सनसनी को ज़्यादा तवज्जो दी है। टीआरपी खामोशी से नहीं बढ़ती, वह ध्यान से बढ़ती है—और ध्यान वहीं जाता है, जहां दर्शक चाहता है।

सच कहूं तो मीडिया बदला है। दबाव है, प्रभाव है, और एक कड़वी कारोबारी सच्चाई भी है।

न्यूज़ चैनल चलाना कोई दान-पुण्य का काम नहीं है। कर्मचारियों की सैलरी, उपकरण, ज़मीनी रिपोर्टिंग, ऑपरेशन—सब पर पैसा लगता है। पैसा आता है विज्ञापनों से। विज्ञापन आते हैं टीआरपी से। और टीआरपी आती है उस कंटेंट से, जिसे दर्शक देखता है।

यही पूरा इकोसिस्टम है।

और सबसे अहम बात— फील्ड रिपोर्टर इस पूरी श्रृंखला में अक्सर सबसे ज़्यादा निर्दोष होता है। वह न नैरेटिव तय करता है, न एंगल, न यह कि आखिर में ऑन-एयर क्या जाएगा। दिशा, फ्रेमिंग और प्राथमिकताएँ ज़्यादातर ऊपर के मैनेजमेंट से तय होती हैं।

माने या न माने, जनता के पास बहुत बड़ी ताक़त है। मिलकर हम मीडिया को बदल सकते हैं। लेकिन यह बदलाव सिर्फ आलोचना से नहीं आएगा, बल्कि जागरूक उपभोग से आएगा।

अगर आप सार्थक कहानियों, नैतिक रिपोर्टिंग और ज़िम्मेदार पत्रकारिता को महत्व देते हैं—तो उसे देखें, पढ़ें, शेयर करें, समर्थन करें। क्योंकि आज आप जो कंटेंट चुनते हैं, वही कल का मीडिया तय करता है।

मीडिया समाज का प्रतिबिंब है। अगर हमें बेहतर पत्रकारिता चाहिए, तो पहले हमें एक बेहतर दर्शक बनना होगा।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन