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भारतीय मीडिया की महा-भयंकर रिपोर्टिंग की महागाथा वाशिंगटन पोस्ट में छपी है!

मनोज अभिज्ञान-

भारतीय मीडिया की गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय आलोचना के घेरे में है। वाशिंगटन पोस्ट की ताज़ा रिपोर्ट में साफ तौर पर बताया गया है कि कैसे भारत के कुछ बड़े मीडिया संस्थान न सिर्फ फर्जी ख़बरें चला रहे हैं, बल्कि युद्ध जैसे संवेदनशील हालात में झूठी सूचनाओं को हवा देकर पूरे देश की साख को खतरे में डाल रहे हैं। रिपोर्ट में उन सनसनीखेज झूठी खबरों का हवाला दिया गया है जिनमें पाकिस्तान की राजधानी पर कब्जे, सेना प्रमुख की गिरफ्तारी और कराची पोर्ट के ध्वस्त होने जैसे बेहूदा दावे किए गए—जिन पर यकीन करना किसी भी समझदार व्यक्ति के लिए मुश्किल है।

इस वैश्विक प्रतिष्ठा वाले अखबार ने भारतीय मीडिया की इन करतूतों को सूचना युद्ध की श्रेणी में रखा है, जहां देशभक्ति के नाम पर तथ्य को बलि चढ़ाया जा रहा है। झूठे वीडियो, गेम की फुटेज, और ग़लत तस्वीरों को सबूत की तरह पेश किया जा रहा है, जिससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को जबरदस्त नुकसान पहुंच रहा है। इतना ही नहीं, वाशिंगटन पोस्ट ने यह भी बताया है कि कैसे सोशल मीडिया पर राष्ट्रवादी भावनाओं को भड़काकर सरकारें विवेकपूर्ण निर्णय लेने के बजाय भीड़ के दबाव में गलत कदम उठाने लगती हैं—यह किसी भी लोकतंत्र के लिए घातक संकेत है।

वाशिंगटन पोस्ट की ख़बर का सार आप भी देखें:-

भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष तीसरे दिन में प्रवेश कर गया है और दोनों परमाणु-संपन्न देश सीधे सैन्य टकराव की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। शनिवार सुबह भारत द्वारा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित तीन एयरबेस पर मिसाइल हमलों के बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए भारत के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इनमें से कम से कम दो ठिकाने भारतीय पंजाब में थे, जिससे तनाव और बढ़ गया है।

एक भारतीय अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान ने मिसाइल और लड़ाकू विमानों से भारत के सैन्य और नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया। पाकिस्तान ने अपनी कार्रवाई को बुधवार को भारत द्वारा किए गए हमलों के जवाब में बताया, जिन्हें पिछले पचास वर्षों में पाकिस्तान की सीमा के अंदर सबसे गहरे और घातक हमले बताया गया, जिनमें 26 लोगों की मौत हुई थी।

दोनों देशों ने एक-दूसरे को हमलों और नियंत्रण रेखा पर नागरिकों की मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने 77 ड्रोन मार गिराए, जबकि भारत ने कहा कि पाकिस्तान ने 400 तक ड्रोन भेजे, जिनमें से कई को मार गिराया गया। भारत ने यह भी स्वीकार किया कि उसके कुछ सैनिक मारे गए हैं।

भारतीय कश्मीर के राजौरी और श्रीनगर में ड्रोन हमलों और विस्फोटों की खबरें मिली हैं। भारत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 26 स्थानों पर ड्रोन देखे गए, जिनमें से कुछ सशस्त्र थे। पंजाब के फिरोजपुर में एक ड्रोन हमले में एक परिवार घायल हुआ।

पाकिस्तान ने पहले सीमा पार किसी भी हमले से इनकार किया था, लेकिन अब उसने नियंत्रण रेखा पर 50 भारतीय सैनिकों को मारने का दावा किया है। वहीं भारत ने बताया कि बुधवार को उसके हमलों में 100 आतंकवादी।मारे गए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

दोनों देशों की मीडिया और सोशल मीडिया पर भारी मात्रा में झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं। भारत में सरकार समर्थित मीडिया ने कराची पोर्ट के ध्वस्त होने, इस्लामाबाद पर कब्जे, पाकिस्तानी सेना प्रमुख की गिरफ्तारी और क्वेटा में आतंकियों के कब्जे जैसी गलत खबरें चलाईं। इन खबरों में फर्जी वीडियो गेम फुटेज, ग़ाज़ा युद्ध और अमेरिका के हादसों की तस्वीरें तक शामिल थीं।

सोशल मीडिया पर दोनों देशों के यूज़र्स ने असंबंधित दृश्यों को वर्तमान संघर्ष से जोड़कर प्रचारित किया। पाकिस्तान के कुछ मंत्रालयों और बंदरगाह प्राधिकरण ने अपने एक्स अकाउंट्स हैक होने की बात कही।

भारत सरकार ने इंटरनेट सेंसरशिप तेज कर दी है। द वायर जैसी वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया गया है और एक्स से 8,000 से अधिक अकाउंट्स ब्लॉक करने को कहा गया है। साथ ही पाकिस्तानी वेब सीरीज़, फिल्में और गाने हटाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सेंसरशिप खास तौर पर वर्तमान प्रशासन की नीति का हिस्सा है, जिससे जनता तक असुविधाजनक सूचनाएं न पहुँचें।

राष्ट्रवाद से भरे माहौल में गलत जानकारी और अतिवादी आवाजें हावी हो रही हैं, जिससे सरकारों पर संघर्ष जारी रखने का दबाव बढ़ रहा है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि सोशल मीडिया की अराजकता से सरकारें ऐसे कदम उठाने को मजबूर हो सकती हैं जो सामान्य कूटनीति में नहीं उठाए जाते।

संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन ने कूटनीतिक समाधान की अपील की है, लेकिन नेतृत्व की भूमिका किसके पास होगी, यह स्पष्ट नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तनाव कम करने की इच्छा जताई है और विदेश मंत्री मार्को रुबियो दोनों देशों के नेताओं से संपर्क में हैं।

भारत ने अपने बुधवार के हमलों को कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले का जवाब बताया है, जिसमें 26 भारतीय नागरिक मारे गए थे। भारत का कहना है कि हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं, जबकि पाकिस्तान ने इससे इनकार किया है और अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है।

भारत के ड्रोन हमलों में तीन पाकिस्तानी नागरिक मारे गए और सीमा पर गोलाबारी में पांच लोगों की जान गई। क्रिकेट टूर्नामेंट को पाकिस्तान से यूएई स्थानांतरित कर दिया गया है, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो रही हैं और पाकिस्तान में स्कूल बंद हैं।

कश्मीर के उरी क्षेत्र में भारी गोलाबारी की खबरें हैं, जिसमें कई मकान क्षतिग्रस्त हुए और एक महिला की जान गई। पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और अंदरूनी अस्थिरता के कारण युद्ध का जोखिम उसके लिए भारी है। वहीं भारत, जो चीन के विकल्प के रूप में उभरने की कोशिश कर रहा है, के लिए भी यह संघर्ष नुकसानदेह है।

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