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भास्कर ने फिर पब्लिश की एडवोकेट गोवर्धन सिंह के खिलाफ खबर, जानें असली सच्चाई!

एडवोकेट गोवर्धन सिंह-

आज की इस खबर में Dainik Bhaskar ने जनता से यह तथ्य बहुत ख़ूबसूरती से छुपाया गया है कि POCSO के अपराध में आरोप किस पर था क्योंकि इस केस में आरोपी स्वयं इस अखबार का मालिक सुधीर अग्रवाल और संपादक एल पी पंत ही था…

रही बात FIR दर्ज नहीं होने की तो यह तथ्य सभी लोग जानते हैं कि स्टिंग वीडियो के चलते अखबार कितना ताक़तवर है, अन्यथा कोई दूसरा होता तो Rajasthan Police FIR ही दर्ज कर लेती और गिरफ्तार भी कर लेती…

नया क़ानून BNSS(भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) बनने के बाद सभी जानते हैं कि FIR भारत के किसी भी पुलिस थाने में कराई जा सकती है…न्यायालय का FIR दर्ज नहीं होने देने और जांच ही नहीं होने देने का आदेश पूर्णतः अवैध है जिसको जल्द चुनौती दूँगा…

मुझे पता है कि मेरे सामने हाथी जैसे ताक़तवर लोग हैं जो मुझ जैसी चींटी से लड़ रहे हैं, नागरिक (मालिक), सच और ईश्वर मेरे साथ हैं…

सभी वकील साथियों से निवेदन है कि जब-जब कानून की हत्या की जाएगी, तब-तब न्यायपालिका से लोगों का भरोसा उठेगा और न्यायपालिका से भरोसा उठेगा तो कोई व्यक्ति वकील के पास जाएगा ही क्यों?

इस केस में न्यायालय के समक्ष ऐसा-ऐसा हुआ है जो सामान्यतः नहीं होता है, न्यायपालिका की गरिमा को बचाते हुए इस खबर के संबंध में वीडियो पर भी आपके जवाब दूँगा… लेकिन मैं अंतिम साँस तक लड़ूँगा…


अखबार Dainik Bhaskar अपने हजारों कर्मचारियों से आजकल एक वीडियो शेयर करवा रहा है, जो 16 साल पहले राजस्थान विधानसभा का है…

25 मार्च 2010 की बात है… तत्कालीन CM Ashok Gehlot ने एक ही महीने में 15-16 झूठे मुक़दमे दर्ज किए थे मेरे ख़िलाफ़…

BJP नेता श्री Rajendra Rathore ने विधानसभा में मेरा मामला उठाया था और तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष श्री दीपेन्द्र सिंह शेखावत ने मेरे मामले को शून्यकाल में उठाने की अनुमति दी थी…

तत्कालीन गृह मंत्री श्री Shanti Kumar Dhariwal को जवाब नहीं सूझ रहा था लेकिन उससे एक दिन पहले ही श्री Devi Singh Bhati विदेश से आए थे और उन्होंने बिना जानकारी मेरे ख़िलाफ़ बहुत कुछ बोला और इस बात को वो कई बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार भी कर चुके हैं…

झूठे मुकदमों का परिणाम

  1. सभी 100% मुक़दमे हाईकोर्ट के सुपरविजन से पुलिस जाँच में झूठे पाए गए और न्यायालयों के समक्ष नकारात्मक अंतिम रिपोर्ट पेश की गई…
  2. ⁠झूठे मुक़दमे दर्ज करने पर, मेरे बैंक खाते में एक लाख रुपया Government of Rajasthan ने compensation (क्षतिपूर्ति) के रूप में डाले…
  3. ⁠झूठे मुक़दमे करने वाले पुलिस अफसरों के ख़िलाफ़ विभागीय कार्रवाई कर NHRC को रिपोर्ट भी दी गई…

राजस्थान विधानसभा में क्या – क्या बोला गया, भास्कर वाला वीडियो भी जल्द डाल दूँगा

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