नई दिल्ली। यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर अलाहबादिया एक बार फिर चर्चा में हैं—लेकिन इस बार वजह उनका कोई बयान नहीं, बल्कि उनके पिता डॉ. गौतम अलाहबादिया से जुड़ा कथित खुलासा है।
साल 2025 में ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ शो के दौरान पैरेंट्स और सेक्स को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के बाद रणवीर अलाहबादिया आलोचनाओं में घिरे थे। उस वक्त सोशल मीडिया पर उनकी परवरिश तक पर सवाल उठे थे। अब एक नई रिपोर्ट में उनके पिता, आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. गौतम अलाहबादिया, पर गंभीर आरोप सामने आए हैं।
भास्कर डिजिटल की रिपोर्ट में दावा
दैनिक भास्कर डिजिटल के पत्रकार विपिन अवस्थी की एक विस्तृत स्टिंग/ग्राउंड रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डॉ. गौतम अलाहबादिया ने ऑन-कैमरा यह कहा कि वे आईवीएफ प्रक्रिया के जरिए लड़का पैदा होने की “गारंटी” दे सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत के दौरान कथित तौर पर यह भी संकेत मिला कि यह पूरी प्रक्रिया दुबई से संचालित की जा रही है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
कानूनी और नैतिक सवाल
भारत में प्री-कंसेप्शन और प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (PCPNDT) कानून के तहत भ्रूण के लिंग की जांच और लिंग चयन पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में यदि कोई आईवीएफ विशेषज्ञ “लड़का होने की गारंटी” जैसा दावा करता है, तो यह न केवल कानूनी बल्कि गंभीर नैतिक प्रश्न भी खड़े करता है।
रणवीर अलाहबादिया स्वयं कई मंचों पर बता चुके हैं कि उनके पिता को भारत सरकार द्वारा असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) से जुड़ी राष्ट्रीय गाइडलाइन तैयार करने में विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया गया था। ऐसे में यह आरोप और भी गंभीर माने जा रहे हैं।
अब तक क्या प्रतिक्रिया?
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। हालांकि, डॉ. गौतम अलाहबादिया या रणवीर अलाहबादिया की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
मामला मेडिकल एथिक्स, कानून और समाज में लैंगिक संतुलन जैसे संवेदनशील मुद्दों से जुड़ा है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल व्यक्तिगत स्तर पर, बल्कि नियामकीय तंत्र और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करेगा।
इस पूरे मामले में अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित प्राधिकरण क्या कार्रवाई करते हैं और आरोपों पर आधिकारिक पक्ष कब सामने आता है।


