ईरान-इसराइल में युद्धविराम हो गया। इससे पहले भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम हुआ था।
युद्धविराम को अंग्रेज़ी में कहते हैं CEASEFIRE.. कई हिंदी अख़बारों और वेबसाइटों में इसी शब्द का प्रयोग हो रहा है लेकिन ग़लत उच्चारण के साथ। इसे सीज़फ़ायर लिखा जा रहा है जबकि Ceasefire का सही उच्चारण है सीसफ़ायर (देखें चित्र)। कारण, CEASE का उच्चारण है सीस, न कि सीज़ (देखें चित्र)। इसमें S का उच्चारण ज़ नहीं, स होता है।

हिंदी के ये सारे पत्रकार Ceasefire को सीज़फ़ायर क्यों लिखते-बोलते हैं? क्योंकि वे अंग्रेज़ी न्यूज़ चैनल, ख़ासकर विदेशी न्यूज़ चैनल, नहीं देखते, न अंग्रेज़ी फ़िल्में देखते हैं जिससे पता चले कि किसी अंग्रेज़ी शब्द का सही उच्चारण क्या है। चलिए, विदेशी चैनल या फ़िल्में न देखें, कोई बात नहीं। लेकिन शब्दकोश तो देख सकते हैं। शब्दकोश देखने की भी उनको कभी आदत नहीं रही। देखते भी होंगे तो अर्थ देखने के लिए, उच्चारण जानने-सीखने के लिए नहीं। इसीलिए जब भी उनके लिखने में कोई अंग्रेज़ी शब्द आता है तो वे दो में से कोई एक काम करते हैं।
- वृहद समाज में जो बोला जा रहा है या बाक़ी अख़बारों में जो लिखा जा रहा है, उसका अंधानुकरण कर लेते हैं।
- अनुमान से काम चला लेते हैं।
मसलन एक शब्द है PLEASE। इसको कैसे बोलना है, यह हर वह भारतीय जानता है जिसके पास या जिसके पीछे पैसे, कुर्सी, पॉलिटिक्स या हिंसा की ताक़त नहीं है। वह PLEASE के साथ-साथ SORRY बोलना भी जानता है भले ही ग़लती उसकी हो या किसी और की।
इस PLEASE में S का उच्चारण वह करता है जा या ज। इसलिए PLEASE से मिलते- जुलते जितने भी शब्द हैं यानी जिनके अंत में EASE है, उन सबमें वह S का उच्चारण ज़ या ज करने लगता है।
जबकि सच्चाई यह है कि EASE से अंत होने वाले जो 13 कॉमन शब्द हैं, उनमें से 8 में S का उच्चारण ज़ नहीं, स है। केवल 5 में S का उच्चारण है। नीचे लिस्ट देखें।
EASE ईज़
PLEASE प्लीज़
APPEASE अपीज़
TEASE टीज़
DISEASE डिज़ीज़
बाक़ी सबमें S का उच्चारण है।
CEASE सीस
DECEASE डिसीस
CREASE क्रीस
INCREASE इन्क्रीस
DECREASE डिक्रीस
GREASE ग्रीस
LEASE लीस
RELEASE रिलीस
बहुत-से लोग कहेंगे कि इन सारे शब्दों का वाला रूप समाज में इतना चल गया है कि इनको बदलना सही नहीं है। मैं उनको CAREER की याद दिलाना चाहूँगा। आज से 30 साल पहले सारे लोग Career को कैरियर बोलते और लिखते थे। आज अच्छे-ख़ासे लोग हैं जो इनको करिअर या करियर बोलने लगे हैं। यह बदलाव इसलिए आया कि कुछ बड़े अख़बारों ने करिअर/करियर लिखना शुरू कर दिया।
मेरा तो शुरू से मानना है कि नई पीढ़ी का उच्चारण और वर्तनी सुधारने या बिगाड़ने में हिंदी वेबसाइटों, अख़बारों और न्यूज़ चैनलों की बहुत बड़ी भूमिका है। वे ग़लत लिखेंगे तो लोग ग़लत सीखेंगे। वे सही लिखेंगे तो लोग सही सीखेंगे।



