अस्वस्थ होने के बाद भी पत्रकारिता फील्ड में सक्रिय रहते थे चचा राजकुमार गर्ग

मेरठ के वरिष्ठ पत्रकार और उपजा के संस्थापक सदस्य राजकुमार गर्ग का  मंगलवार 14 अक्टूबर को निधन हो गया। वह लगभग 75 वर्ष के थे। गत काफी समय से अस्वस्थ थे तथा दिल्ली एम्स में उनका इलाज चल रहा था। अन्तिम संस्कार बुधवार को ब्रजघाट में गंगा तट पर किया गया। स्व. श्री गर्ग उप्र जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन में उपजा में विभिन्न पदों पर रहे। वह मेरठ के इकाई के भी कई बार अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे।  उन्होंने मेरठ में समाचार भारती, अमर उजाला, डीएलए, मयराष्ट्र और प्रभात के साथ जुड़कर लगभग पांच दशक से अधिक पत्रकारिता की। वह अत्यन्त सक्रिय और जुझारु पत्रकार थे।

अपनी दृढ इच्छा शक्ति और जीवट के बल पर वह पिछले दिनों अस्वस्थ होने के बाद भी पत्रकारिता में सक्रिय रहे। गर्ग जी अमर उजाला के उस समय से संवाददाता थे जब यह समाचार पत्र केवल आगरा और बरेली से प्रकाशित होता था। मेरठ से प्रकाशन के बाद भी वह काफी समय तक अमर उजाला के संवाददाता के रूप में कार्यरत रहे। राजकुमार गर्ग एसोसिएशन की गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रहते थे। वह प्रतिवर्ष 30 मई को हिन्दी पत्रकारिता दिवस का आयोजन करते थे। यह आयोजन वृहद स्तर पर आयोजित होता था।  उन्होंने मेरठ में उपजा और एनयूजे के कई प्रांतीय और राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किये। 1978 में उनके संयोजकत्व में उपजा का प्रांतीय अधिवेशन समम्पन्न हुआ था।

राजकुमार गर्ग के निधन से न केवल मेरठ की पत्रकारिता को अपूर्णीय क्षति हुई है बल्कि यूपी जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने अपने एक ऐसे जूझारू नेता को खो दिया जिसने हमेशा पत्रकार हित में संघर्ष किया। गर्ग जी से मेरे अत्यधिक निकटतम सम्बन्ध थे। एसोसिएशन में उनका स्थान मार्गदर्शक का था। यूनियन के कार्य संचालन में मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। उनके निधन का समाचार आज सुबह मेरठ से मुझे उपजा के वरिष्ठ सहयोगी श्री पवन मित्तल ने दिया। समाचार सुनकर बेहद कष्ट हुआ। मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

सर्वेश कुमार सिंह

उपाध्यक्ष
उपजा
लखनऊ 

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