Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

दैनिक भास्कर के आफिस पर पड़ा छापा, बाथरूम में छिपे संपादक और मैनेजर! देखें वीडियो

BHASKAR

मजीठिया वेज बोर्ड के एरियर की मांग को लेकर जिन कर्मचारियों ने केस कर रखा है, प्रबंधन कर रहा है उन्हें प्रताड़ित… हिसार दैनिक भास्कर की यूनिट में गुरुवार को काफी कुछ देखने को मिला. यूनिट के विभिन्न ब्यूरो कार्यालयों में तैनात फोटोग्राफरों व सब एडिटर का मई के आखिर में बिहार और गुजरात ट्रांसफर कर दिया गया.

ये लोग स्थानीय श्रम विभाग गए जहां विभाग ने 5 जून को इनकी ट्रांसफर पर स्टे कर दिया. गुरुवार को ट्रांसफर किए गए कर्मचारियों को लेकर श्रम विभाग की टीम एएलसी मनीष कुमार की अगुवाई में पूरे दलबल के साथ दैनिक भास्कर कार्यालय पहुंची.

टीम को पहले तो कार्यालय में घुसने नहीं दिया गया. बताते हैं कि विभाग के कड़े रुख को देखते हुए मैनेजर लोग बाथरूम में जा छिपे. बाद में श्रम अधिकारी और उनकी टीम को अंदर जाने दिया गया. स्थानीय यूनिट हेड डीजीएम अभय सिंह यादव ने टीम से बात की और चाय पिलाई. श्रम विभाग के अधिकारी बार-बार स्थानीय प्रबंधन के अधिकारियों को बुलाने की बात करते रहे, लेकिन बाथरूम से कोई निकल कर आने के लिए तैयार न था.

इसके बाद एएलसी मनीष कुमार ने भास्कर प्रबंधन के इस रवैये को लेकर चंडीगढ़ परमजीत ढुल को पूरी रिपोर्ट लिखित में भेज दी. 25 मई को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी के फोटोग्राफरों के साथ-साथ हिसार में कार्य कर रहे 4 सब एडिटर का ट्रांसफर बिहार और गुजरात कर दिया गया था. 28 मई को इन लोगों को अपने नए सेंटर पर ज्वाईन करना था.

इन सभी ने श्रम विभाग में मजीठिया वेज बोर्ड से संबंधित एरियर के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस किया हुआ है. ट्रांसफर के खिलाफ अप्लीकेशन पर श्रम विभाग ने 4 जून की सुनवाई की तारीख दी और 5 जून को ट्रांसफर पर स्टे कर दिया. विभाग का कर्मचारी जब आर्डर लेकर भास्कर कार्यालय गया तो एचआर ने इसे रिसीव करने से मना कर दिया. इसके बाद विभाग ने सुनवाई के लिए 11 जून की तारीख दे दी.

11 जून को एचआर प्रभारी संजय ग्रेवाल और भास्कर के चंडीगढ़ से आए वकील विकास जब कार्यालय पहुंचे तो विभाग के अधिकारियों ने एचआर प्रभारी को स्टे आर्डर लेने से मना करने को लेकर काफी खरी खोटी सुनाई और उनको वहीं पर हाथों हाथ रिसीव कराया.

इसके बाद भी जब ट्रांसफर किए गए कर्मचारियों को ज्वाईन नहीं कराया गया तो गुरुवार 14 जून को एएलसी मनीष कुमार अपने विभाग की टीम और भास्कर के ट्रांसफर किए गए कर्मचारियों को लेकर दैनिक भास्कर कार्यालय पहुंचे. टीम सदस्यों को गेट पर ही रोक दिया गया. काफी कहासुनी के बाद जब इनको अंदर नहीं जाने दिया गया तो अधिकारियों ने अपने आला अधिकारियों को सूचना दी.

श्रम विभाग की टीम को देख स्थानीय संपादक और एचआर प्रभारी बाथरूम में जा छिपे. काफी इंतजार करने के बाद टीम सदस्यों को कार्यालय के अंदर आने दिया गया. डीजीएम ने टीम को चाय पिलाने की कोशिश की, लेकिन अधिकारी सिर्फ संपादक और एचआर प्रभारी को बुलाने की बात करते रहे. जब तक टीम भास्कर कार्यालय में रही तब तक वे दोनों बाथरूम में ही कैद रहे.

भास्कर प्रबंधन के इस रवैये से एएलसी मनीष कुमार का गुस्सा बढ़ गया और वे वहां से निकलकर अपने कार्यालय पहुंचे. इसके बाद दैनिक भास्कर द्वारा मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवहेलना करने तथा श्रम विभाग के अधिकारियों को नजरअंदाज करने की पूरी रिपोर्ट अपने आला अधिकारियों लिखित में भेज दी. अब देखना ये है कि भास्कर प्रबंधन के अधिकारी कब तक बाथरूम का सहारा लेकर कर्मचारियों को प्रताड़ित करते रहेंगे.

देखें संबंधित वीडियो…

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन