चित्रा त्रिपाठी और अतुल अग्रवाल के बीच अलगाव हो चुका है। 16 साल बाद हुए इस तलाक को सबसे पहले चित्रा त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसके कुछ घंटे बाद अतुल अग्रवाल ने एक्स और फेसबुक पर शेयर किया है। फेसबुक पर एक हजार से ज्यादा लाइक, 21 के करीब शेयर और 300 से अधिक कमेंट्स आए हैं। वहीं एक्स पर 4463 लाइक, 421 रिपोस्ट और 96 से अधिक क्वोट्स हैं। नीचे पढ़ें अतुल ने अपनी पोस्ट में क्या लिखा और पोस्ट पर आईं कुछ टिप्पणियां भी पढ़ें…
अतुल अग्रवाल-
होइहि सोइ जो राम रचि राखा।
को करि तर्क बढ़ावै साखा॥
अस कहि लगे जपन हरिनामा।
गईं सती जहँ प्रभु सुखधामा॥
सब अच्छा है, आगे भी अच्छा ही होगा. पत्नी का प्रत्येक निर्णय आज तक लागू होता रहा है तो आज क्यों नहीं? परिजनों, मित्रों की सुहानुभूति/फ़िक्र के लिए धन्यवाद

सचिन चतुर्वेदी-
वाकई… होइहि सोइ जो राम रचि राखा।
आप दोनों का निर्णय ओम को प्रभावित न करे, बस इस बात का ध्यान रखें.. बाकी ईश्वर पर छोड़ दें
दिलीप गुप्ता-
चित्रा का नितांत गलत निर्णय, पति पत्नी के बीच सभी घरों में मतभेद होते और दूर होते रहते हैँ, इतने सुंदर और प्यारे नाबालिग बच्चे ओम का भी ख्याल न किया कि उसके कोमल मन पर क्या क्या प्रभाव पड़ेगा।
दिगमोहन नेगी-
अच्छा नहीं लगा Atul Kumar Agrawal भाई साहब, आज सुबह X पर पोस्ट देख पहले तो यकीन नही हुआ, खैर होई है वही जी राम रचि रक्खा। ईश्वर की कृपा आप पर सदैव बनी रहे।
जय प्रकाश पांडेय-
पता नहीं क्यों रामचरित का यह दोहा याद आ गया-
रुचिर रूप धरि प्रभु पहिं जाई.
बोली बचन बहुत मुसुकाई.
तुम्ह सम पुरुष न मो सम नारी,
यह सँजोग बिधि रचा बिचारी…
पर मन का होता कहां है? हम सब सॅंजोग और प्रारब्ध से बंधे हैं अतुल जी. श्री हरि कृपालु हों
अंशु शाही-
अतुल जी, आपसे न मैं मिला हूं और न ही आपको ज्यादा जानता हूं। सहारा टीवी में काम करते हुए चित्रा त्रिपाठी जी को थोड़ा बहुत जानता हूं।हाल के दिनों में ABP में काम करते हुए उन्हें देखा भी है। चित्रा जी की सहजता,सरलता,लगन,अपनेपन के अहसास में कोई बदलाव नहीं दिखा।वो अब भी खास होने के बावजूद एक आम सी महिला दिखीं।यह बात दीगर है कि मेरी उनसे बात तक नहीं है और जो भी बातें मैंने लिखी है यह आप लोगों के प्रति मेरी स्वतः स्फूर्त प्रतिक्रिया है।
शून्य से शुरुआत करके आज आप लोगों के पास नाम,पद,पैसा,शोहरत सबकुछ है लेकिन मेरी समझ में आप फिर शून्य की दहलीज पर है। आपलोगों का एक बेटा भी है, माना कि उसे लेकर आपलोग संजीदा है लेकिन क्या इससे वह खुश है ? गंभीरता से विचार करें और संभव हो तो इस संबंध को बचा लें। अपना समाज अब भी वैसा ही है, भले दिखता कुछ और हो।
पंकज अग्रवाल-
pls take care ur self, this is tough time, i m always with u as ur friend
आशीष जोशी-
हर निर्णय में ईश्वर की योजना होती है। सब अच्छा ही होगा। शक्ति और संबल बना रहें।
सूरज उपाध्याय-
जब आप किसी का बुरा नहीं करते तो आपका भी कभी बुरा हो नहीं सकता बाकी सुख दुख part of life ईश्वर सदैव आपका अच्छा ही करेगा ऐसी कामना
अरविंद कुमार सिंह-
“बीते हुए लम्हों की कसक साथ तो होगी…..” सत्य स्वीकार कर सकारात्मक रूप से आगे बढ़ना ही जीवन है..



Dr Anil Dwivedi
March 21, 2025 at 12:05 pm
अतुल जी ने बहुत सुंदर मगर रहस्यपूर्ण प्रतिक्रिया दी है : आज तक पत्नी के सारे फैसले लागू होते रहे तो आज क्यों नहीं? यह दर्शाता है कि चित्रा जी की आपके दिल में क्या जगह है। बहरहाल आप दोनों को सुखद जीवन की शुभकामनाएं. डा अनिल द्विवेदी, पत्रकार.
Ajay Srivastava
March 21, 2025 at 12:13 pm
सुंदर वैवाहिक जीवन का आनंद तो हम जैसे मध्यम वर्गीय लोग ही लेते है। दिन में तकरार रात में प्यार! छोटी छोटी बातों पर लड़ना और खुद ही मान जाना हम मध्यम वर्गीय लोगों का स्वभाव है। बड़े लोगों में चर्चित हस्तियों के लिए तो संबंध विच्छेद(तलाक) होना आम बात है। हम लोग उच्च वर्ग से कुछ सीखना चाहते हैं पर ऐसी सीख ना बाबा ना “हाय तौबा”
चित्रा जी और अतुल जी दोनों के जीवन की शुरुवात संघर्षों से हुई थी, पर धन वैभव की प्राप्ति के बाद ये दोनों लोग हंसती खेलती गृहस्थी को आग लगा बैठे। गलती किसकी है ये मै नहीं जानता और न ही जानने की कोशिश करूंगा, बस दोनों का निर्णय बहुत गलत रहा, इसका प्रभाव नौनिहालों के मन मस्तिष्क पर कुप्रभाव छोड़ेगा।
Sunil Kumar panday
March 21, 2025 at 3:37 pm
.पति पत्नी का आपस में misunderstanding हो सकता h,आप लोग समाज के लिए अच्छा example हो सकते थे, अतुल जी आपको प्रभु ने इस समाज को देने का मौका दिया है, प्रभु वो नहीं करवाइए आप अच्छा मानते है,ईश्वर वो कर्ता है जो आप के लिए अच्छा
होताहै
Raj
March 21, 2025 at 5:24 pm
दोनों की गलती हे पर उनका जीवन हे पैसा वालों का खेल हे सफल लोगों का नया शौक हे तलाक! समाज को क्या मैसेज दिया. हर पति पत्नी मे misunderstanding होती हे पर सब सही हो जाता हे. कोई perfect नहीं है.
नरेश कुमार पाल
March 21, 2025 at 5:47 pm
वास्तव में, यह बहुत ही दुखद है, ईश्वर कभी ऐसा नहीं चाहते बल्कि यह निर्णय उनकी सत्ता के विरुद्ध चैलेंज है। शादी का पवित्र गठबंधन एक बार बांधता है जो अटूट होता है। ये दोनों के लिए बहुत ही दुखद है। ईश्वर फिर से दोनों को एक करदे ऐसी मेरी भगवान शिव से प्रार्थना है। बेटे का क्या दोष है जो हमेशा प्रताड़ित रहेगा। बहुत बुरा वक्त है।
राजेश कौशिक
March 23, 2025 at 8:46 pm
सब प्रारब्ध का खेल है जिंदगी रूपी नाटक के हम सभी पात्र हैं सबको अपना-अपना किरदार निभाने हैl जय श्री खाटू श्याम