Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

वेब-सिनेमा

चित्रा त्रिपाठी तो मारपीट पर उतारू हो गईं, देखें वीडियो

दीपक गोस्वामी-

तस्वीर में गुस्से में नज़र आ रहीं इन महिला को तो आप पहचानते ही होंगे। ये जानी-मानी न्यूज़ एंकर चित्रा त्रिपाठी हैं।

इन्होंने अपने करियर में अनगिनत बार लोगों के मुंह में जबरन माइक ठूंसा है और अपने शब्द ठूंसे हैं। ये एक विशेष एजेंडा चलाने के लिए जानी जाती हैं और उस एजेंडा का विरोध करने वाले लोगों पर अपने कुतर्कों के साथ हावी हो जाती हैं। सामने वाले को धैर्य से सुनना इनकी फितरत नहीं रही है।

यही उनकी पत्रकारिता की उपलब्धि है, जिसे मैं ‘पत्तलकारिता’ की श्रेणी में रखता हूं।

अब तक अपनी ‘पत्तलकारिता’ का स्वाद वह दूसरों को चखाती थीं, लेकिन जब ख़ुद पर नौबत आई तो ऐसा भड़कीं कि हिंसा पर उतर आयीं।

हुआ यूं कि बलात्कारी बापू #आसाराम के एक सिरफिरे पत्रकार (पत्तलकर) समर्थक ने चित्रा को घेर लिया और जबरन उनके मुंह पर माइक रखकर पूछने लगा कि ‘वह आसाराम, अनिरुद्धाचार्य और रामभद्राचार्य जैसे हिंदू संतों के ख़िलाफ़ ख़बर चलाकर उन्हें बदनाम क्यों करती हैं?’

चित्रा इस पर अपना आपा खो बैठीं और उस सिरफिरे से बोलीं, ‘एक झापड़ दूंगी।’ चित्रा ने उसके माइक को भी पकड़कर छीनने और दूर करने की कोशिश की।

चित्रा को इस वाक़ये से सीखना चाहिए कि जब वह स्वयं अन्य लोगों के साथ इस तरह की जोर-ज़बरदस्ती वाली पत्रकारिता करती हैं तो उन लोगों पर क्या बीतती होगी? उनका भी मन करता होगा कि चित्रा में झापड़ मार दें या उनका माइक छीन लें, लेकिन चित्रा महिला हैं इसलिए ऐसा कर नहीं पाते हैं। या कहूं कि वह लोग चित्रा त्रिपाठी की तुलना में अधिक सभ्य होते हैं और चित्रा की तरह अपना आपा नहीं खोते हैं।

जिस तरह के सवाल चित्रा अपने शो में पूछती हैं, उन्हें सुनकर चित्रा से घृणा होने लगती है। इसके बावजूद, उनके शो पर आने वाले और उनसे बात करने वाले लोग अपना आपा नहीं खोते। जैसे सवाल चित्रा उनसे पूछती हैं, वैसे ही चार सवाल अगर स्वयं चित्रा से पूछ लिए जायें तो दावे से कहता हूं कि चित्रा गुस्से में हाथापाई पर उतर आयेंगी।

इसलिए चित्रा इस तस्वीर और वायरल वीडियो को बार-बार देखें और पत्तलकारिता छोड़कर, पत्रकारिता करना शुरू करें। वह आत्मावलोकन करें कि जब एक सवाल से वह इतनी असहज हो सकती हैं कि किसी को झापड़ मारने का सोचने लगें, तब उनके द्वारा पूछे गए अनगिनत बेतुके सवालों से उनके गेस्ट की मानसिक स्थिति क्या होती होगी? उन्हें तो मन ही मन चित्रा के बाल नोंचने का ख्याल आना चाहिए।


सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर चित्रा त्रिपाठी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। करीब 25 सेकंड के इस वीडियो में एक युवक हाथ में माइक लेकर चित्रा से सवाल करता है। पहले चित्रा मुस्कुराते हुए आगे चलती हैं, युवक पीछे लगभग दौड़ते हुए सवाल दाग रहा है। एकाएक चित्रा उसपर हमलावर सी होती देखी जा रही हैं। वह उसका माइक भी छीनने का प्रयास करती नजर आती हैं। इस वीडियो को लेकर चित्रा ने सफाई भी दी है- पढ़ें…


निधि अम्बेडकर- चित्रा त्रिपाठी को दूसरे के मुंह में माइक डाल कर सवाल पूछने में मजा आता है..! और जब अपने मुंह में माइक डाली गई तो दर्द होने लगी, मार पीट पर उतर गई.


ABP न्यूज की पत्रकार चित्रा त्रिपाठी का सामना जब छोटे पत्रकार से हुआ तो,

पत्रकार : आपने नाबालिग बच्ची की वीडियो को तोड़ मरोड़ कर पेश किया,

चित्रा त्रिपाठी : एक झापड़ दूंगी,

पत्रकार : आप तो गुंडागर्दी पर उतर आयी, आप संतो को बदनाम करती है, माइक हमारा है आप गुंडागर्दी कर रही है।


वीडियो पर चित्रा त्रिपाठी की सफाई-

आसाराम केस-

तीन साल पुराना ये वीडियो है, जिसे आज वायरल करके बहुत लोग खुश हो रहे हैं तो उनकी जानकारी के लिये बता दूँ, ये आसाराम के आश्रम का यूट्यूबर है. जिसे पत्रकार बताया जा रहा है.

जो लोग ये वीडियो वायरल कर रहे हैं उनकी जानकारी के लिये – कोर्ट ने इस वीडियो को अपलोड करने से मना किया था, कोर्ट रूम के ठीक बाहर का ये वीडियो है. जहां जाने पर जज ने किसी भी यूट्यूबर को बैन कर रखा है.


युवा बिहारी नीरज कुमार-

आपने इस पर कमेंट करके गलती कर दिया हमारे जैसे लाखों लोग होंगे जो इस वीडियो को अब तक देखे नहीं होंगे या देखे होंगे तो भूल गए होंगे, खबर तो खबर होती है आती है और लोग भूल जाते हैं। इसको फिर से जगाने का कोई मतलब नहीं है, इग्नोर कर दें ठंडा बस्ता में चला जाएगा।

समाजवादी एके-

वीडियो भले पुराना है लेकिन असली चेहरा तो यही है न! सामान्य सा प्रश्न पूँछने पर बुरी तरह भड़क रही हो और थप्पड़ तक मारने पर उतारू हो गयीं!

आप भी पत्रकारिता करतीं हैं अगर कहीं आपको भी किसी ने इस तरह का जवाब दे दिया होता तो –अब तक आपने महिला कार्ड खेलकर उसका जीना दुर्लभ कर दिया होता।

साजिद एसके-

“तकलीफ वीडियो के ‘पुराने’ होने से नहीं, तकलीफ यह है कि वो एक ‘यूट्यूबर’ है। ​आज की तारीख में देश का सच यूट्यूबर ही दिखा रहे हैं, क्योंकि ‘टीवी वाले’ तो स्टूडियो में बैठकर सिर्फ ‘हिंदू-मुस्लिम’ की डिबेट करने में व्यस्त हैं। आप कोर्ट की चिंता न करें, अपनी ‘साख’ (Credibility) की चिंता करें जो रसातल में है।

मनोज इंडिया-

खुद यह सब करो तो ठीक है? अब खुद पर आई है तो हाथापाई पर उतर आई, वीडियो पुराना है तो क्या हुआ चेहरा तो बेनकाब कर ही रहा है। आज कल गोदी मीडिया से तो कोई उम्मीद है नहीं, कम से कम यूट्यूबर ही सच्चाई सामने ला रहे है।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन