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दैनिक भास्कर के संपादक पर 10 लाख की मानहानि का दावा, हिम्मत किसने दिखाई, जानिए!

देश का जाना-माना मीडिया संस्थान दैनिक भास्कर ग्रुप इन दिनों चर्चा में है। बता दें कि इस मीडिया संस्थान के मध्य प्रदेश संस्करण में एक ऐसी खबर छापी गई जिसे लेकर एडिटर पर एक शख्स ने मानहानि का दावा ठोक दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता के वकील की ओर से 10 लाख का मुआवजा ठोका गया है। इस नोटिस में आए खर्च का भरपाई करने का जिक्र भी किया गया है।

मामला सिंगरौली जिले का है। कोयला खनन कंपनियों द्वारा की गई भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने की गलत खबर लिखने पर लीगल नोटिस भेजा गया है। नोटिस दीपेंद्र कुमार शाह, पुत्र श्री लखपति शाह निवासी ग्राम मझौलीपथ ने अपने वकील गौरव प्रकाश शाह की ओर से भिजवाया है।

कब छपी थी दैनिक भास्कर में खबर
नोटिस में बताई गई जानकारी के अनुसार सिंगरौली भास्कर संस्करण में 10.08.2024 को यह खबर लिखी गई। वकील गौरव प्रकाश शाह ने अपने क्लाइंट का हवाला देते हुए नोटिस में लिखा कि लेख में लगाए गए आरोप अपमानजनक, झूठे, मनगढ़ंत हैं और मेरे क्लाइंट की छवि को खराब करते हैं।

सिंगरौली भास्कर न्यूजपेपर में 10 अगस्त को छापे गए शीर्षक “मुआवजा वीर दीपेंद्र कुमार शाह, कृष्ण कुमार शाह, प्रेम शंकर शाह पिता लखपति शाह आदि का मुआवजा का कारनामा, सुलियरी कोल ब्लॉक के लिए अधिग्रहित की गई जमीन पर हुआ कारनामा, बताया जा रहा है कि जालसाजी करते हुए जांच टीम को गलत जानकारी देकर मुआवजा प्राप्त किया।”

इस हैडलाइन को न सिर्फ जानबूझ कर प्रयोग किया गया बल्कि अपने उद्देश्यों की पूर्ति करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी पोस्ट किया गया। अखबार के द्धारा किए कारनामे की वजह से मेरे क्लाइंट की छवि और जनता में प्रतिष्ठा काफी धूमिल हुई है। यहां पर झूठी और हानिकारक खबर छापकर क्लाइंट की प्रतिष्ठा को कम किया गया है। जिससे व्यक्तिगत और प्रोफेशनल दोनों तरीके से नुकसान हुआ है।

झूठे आरोपों से सदमें में परिवार
दैनिक भास्कर औऱ एडिटर को भेजे गए मानहानि नोटिस में लिखा गया है, कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों प्लटेफॉर्म पर प्रसारित समाचार रिपोर्टों को पढ़ा। तो मेरे क्लाइंट के मित्र, करीबी रिश्तेदार और अन्य परिचित को गहरा सदमा लगा है और निराशा भी हुई, क्योंकि इन रिपोर्टों में झूठे आरोप लगाए गए थे। जिससे यह खबर जानबूझकर और गैर-जिम्मेदाराना तरीके से मेरे क्लाइंट के खिलाफ चलाई गई। इस नोटिस की प्राप्त के 48 घंटे के भीतर मेरे क्लाइंट के बारे में ऐसी भ्रामक और बनाई गई रिपोर्टिंग और प्रसार पर अब बिना शर्त माफ़ी प्रकाशित करें।

दैनिक भास्कर एडिटर पर किया 10 लाख का मानहानि दावा
यही नहीं नोटिस में लिखा कि मेरे क्लाइंट की सम्मान को हुए नुकसान और आपके झूठे और मानहानिकारक बयानों से हुई परेशानी हुए है, जिसे कवर करने के लिए नोटिस प्राप्त करने चार सप्ताह के भीतर आपके कार्यों से हुए नुकसान के लिए मुआवजे के रूप 10,00,000 रुपये का भुगतान करें। तो वही यहां पर इस कानूनी नोटिस को जारी करने में हुए खर्च की प्रतिपूर्ति की मांग की जिसमें 15,000 रुपये का भुगतान करें।

देखें लीगल नोटिस…

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1 Comment

1 Comment

  1. ram singh

    September 10, 2024 at 1:35 am

    ये तो वकील का नोटिस है, कोर्ट का नोटिस थोड़ी ही है।

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