Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

दैनिक जागरण के कर्मचारी ने जालंधर कोर्ट में प्रबंधन को धूल चटा दी! देखें आदेश

जालंधर- मीडिया जगत में अखबार प्रबंधन द्वारा पत्रकार पर दबाव बनाए जाने का एक और मामला सामने आया है। स्थानीय सिविल कोर्ट ने पत्रकार से विज्ञापन बिलों की राशि वसूलने के लिए दायर दैनिक जागरण प्रबंधन की याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि बिना किसी लिखित अंडरटेकिंग के किसी पत्रकार को विज्ञापन बिलों की रिकवरी का जिम्मेदार या एजेंट ठहराना उचित नहीं है।

यह मामला पटियाला के पत्रकार मुकेश ढींगरा से जुड़ा है, जिन्होंने लंबे समय तक दैनिक जागरण के लिए सेवाएं दीं। वेतनमान से असंतुष्ट होकर ढींगरा ने अखबार छोड़ दिया था। इसके बाद प्रबंधन ने पटियाला क्षेत्र के करीब 15 लाख रुपये के विज्ञापन बिलों की वसूली का जिम्मा उन पर डालते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

सिविल कोर्ट में सुनवाई के दौरान दैनिक जागरण प्रबंधन की ओर से अधिकारी नीरज शर्मा ने बयान दिया। उन्होंने बताया कि पहले मुकेश ढींगरा को नोटिस भेजा गया और फिर वर्ष 2019 में स्थानीय अदालत में मुकदमा दायर किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान पत्रकार मुकेश ढींगरा की ओर से अधिवक्ता सतनाम सिंह ने प्रबंधन के गवाहों—नीरज शर्मा, अरुण कुमार और शंकर खराना—का क्रॉस एग्जामिनेशन किया। इस दौरान यह तथ्य अदालत के समक्ष स्पष्ट रूप से सामने आया कि डींगरा के नियुक्ति पत्र में कहीं भी विज्ञापन बिलों की राशि की जिम्मेदारी तय नहीं की गई थी।

इन तथ्यों के आधार पर सिविल कोर्ट ने दैनिक जागरण प्रबंधन की याचिका खारिज कर दी। हालांकि, इस फैसले से असंतुष्ट प्रबंधन ने सिविल कोर्ट के निर्णय को सेशन कोर्ट में चुनौती दी है। अब इस मामले में आगे क्या रुख अपनाया जाएगा, यह आने वाले समय में तय होगा।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मीडिया जगत में अखबार प्रबंधन की भूमिका और पत्रकारों पर डाले जा रहे दबाव को लेकर तीखी चर्चा जारी है।

कोर्ट का आदेश पढ़ें…

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन