मान्यता प्राप्त पत्रकार को जेल भेजने की धमकी दी दारोगा ने

प्रतिष्ठा में,
माननीय मुख्य्मंत्री जी ,
उत्तर प्रदेश सरकार
लखनऊ उत्तर प्रदेश।

महोदय

अवगत कराना है कि मैं संजोग वॉल्टर 202 ए /171 जवाहर नगर कोतवाली वज़ीरगंज का निवासी हूँ। राज्य मुख्यालय पर मान्यता प्राप्त पत्रकार हूँ व उत्तर प्रदेश राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति का निर्वाचित सदस्य हूँ।

मेरे घर के सामने पूरब की दिशा में एक सार्वजनिक गली है। पूरब दिशा के बाद दक्षिण दिशा की ओर भी सार्वजनिक गली है जिसका इस्तेमाल सभी करते हैं। उस दिशा से कई घरों के टीवी केबल और बिजली की लाइन जा रही है। 14 सितंबर रात बारिश हुई जिससे कच्चे रास्ते पर पानी जमा हो गया था। मैंने उस जगह पर आधी बोरी मौरंग की गिट्टी डाल दी थी।

दिनांक 14-सितंबर 2019 को लगभग शाम 4.30 बजे इलाके के दंबग मो आरिफ़ निवासी जवाहर नगर व उसके पुत्र व पत्नी मोमिना -आसिफ -आमिर -आकिब बेलचे लेकर आये और दक्षिण दिशा की सार्वजनिक गली को खोद दिया। साथ ही जानमाल की धमकी दी, गालियां दी और दुबारा फिर आकर ज्यादा नुकसान करने की धमकी दे कर चले गए।

मैने पुलिस को फोन किया तो पुलिस आई। चौकी इंचार्ज रिवर बैंक कॉलोनी प्रदीप कुमार सिंह ने दबंगों का पक्ष लिया और कहा- ‘आप निर्माण कार्य करेंगे तो दूसरा पक्ष तो आएगा ही। पत्रकार महोदय आपकी प्रतिष्ठा खतरे में है आप यहाँ रहते ही क्यों है, जेल भेज दूंगा।’ यह कहना था चौकी इंचार्ज रिवर बैंक कालोनी प्रदीप कुमार सिंह का।

उसी शाम को पूरब दिशा की ओर सार्वजनिक गली को फरीदा नामक महिला ने ढेरों पत्थर गिरवाकर लगभग बंद कर दिया है। मैं एसएसपी लखनऊ से चौकी इंचार्ज रिवर बैंक कॉलोनी प्रदीप कुमार सिंह की शिकायत करने पहुंचा। करीब दो घण्टे के इंतज़ार के बाद एसएसपी महोदय ने मुझे सिर्फ 43 सेकंड का टाइम दिया और बिना मेरी पूरी बात सुने मामला सीओ चौक को सौंपने को कहते हुए मुझे और बाकी पत्रकार साथियों को बाहर कर दिया।

बाद में आईजी एलओ प्रवीण कुमार जी से बात हुई जिसके बाद मैं दिनांक 15 सितम्बर को एसपी पश्चिम एवं सीओ चौक से मिला। उन्हें प्रार्थना पत्र देकर दबंगों और चौकी इंचार्ज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया। 48 घण्टे बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।

सीओ चौक व इंसपेक्टर वजीरगंज ने 15 सितम्बर को मौके का मुआयना किया। पुलिस ने यह माना कि मौके पर कोई भी निर्माण कार्य नहीं हुआ है। सम्बंधित वस्तु स्थिति से अवगत होने के लिए मौका मुआयना किसी भी सक्षम अधिकारी से करा लिया जाए।

अतः आपसे अनुरोध है कि लखनऊ एसएसपी के गैर ज़िम्मेदाराना व्यवहार की जांच कराई जाए। चौकी इंचार्ज रिवर बैंक कॉलोनी प्रदीप कुमार सिंह को निलंबित किया जाए। दबंगों के ख़िलाफ़ कार्यवाही हो। दबंगो के दबाव को देखते हुए मुझे और मेरे परिवार को सुरक्षा मुहैय्या कराई जाये। दंबगों को चौकी इंचार्ज रिवर बैंक कॉलोनी प्रदीप कुमार सिंह का संरक्षण मिला हुआ है।

अनुरोध है इस पूरे मामले की जांच लखनऊ पुलिस के बजाय एसआईटी/एसटीएफ से कराने की कृपा करें क्योंकि मई 2019 से लगातर मैं लखनऊ पुलिस से शिकायत कर रहा हूं जिसकी सुनवाई पुलिस नहीं कर रही है।

संजोग वॉल्टर
लखनऊ

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