नई दिल्ली। प्रतिष्ठित अंग्रेज़ी अख़बार ‘द पायनियर’ ने वरिष्ठ पत्रकार दीपक कुमार झा को अपना नया कार्यकारी संपादक (Executive Editor) नियुक्त किया है। झा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 21 वर्षों का व्यापक अनुभव है और उन्होंने लंबे समय तक ‘द पायनियर’ में विभिन्न महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं, जिनमें ब्यूरो प्रमुख और मेट्रो संपादक शामिल हैं।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ‘द पायनियर’ संस्थान अपने पूर्व संपादक और दो बार राज्यसभा सांसद रहे डॉ. चंदन मित्रा की विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में अग्रसर है। डॉ. मित्रा के सितंबर 2021 में निधन के बाद उनकी पत्नी और विदेश मामलों की पत्रकार शोबोरी गांगुली ने ‘द पायनियर’ की एडिटर-इन-चीफ की जिम्मेदारी संभाली। वहीं, उनके पुत्र और वरिष्ठ पत्रकार कुशान मित्रा वर्तमान में ‘द पायनियर’ के प्रिंटर व प्रकाशक हैं और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शोबोरी गांगुली समेत अन्य सदस्यों के साथ सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
दीपक कुमार झा ने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन भारती से की थी और MiD DAY के दिल्ली संस्करण की लॉन्चिंग में भी उनकी अहम भूमिका रही है। वे संसद, शिक्षा मंत्रालय, रेल मंत्रालय, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, कार्मिक विभाग और राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की विस्तृत रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 2004 से लेकर 2024 तक सभी आम चुनावों और कई विधानसभा चुनावों की रिपोर्टिंग की है।
2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान झा की रिपोर्टिंग के आधार पर कुछ प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव किया गया ताकि मतदाताओं को मतदान का अवसर मिल सके। दिल्ली विधानसभा चुनाव भी उन्हीं की रिपोर्ट के प्रभाव में बुधवार को कराए गए ताकि अवकाश की समस्या न हो।
दीपक झा को बिहार में शराबबंदी कानूनों के उल्लंघन पर उनकी खोजी रिपोर्टिंग के लिए FICCI जर्नलिज्म अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस रिपोर्ट में उन्होंने स्कूली बच्चों के जरिए शराब तस्करी की सच्चाई उजागर की थी। यह सम्मान उन्हें सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संजय करोल, दिल्ली हाई कोर्ट के जज नवीन चावला, पूर्व लोकायुक्त मनमोहन सरीन और FICCI कैस्केड के चेयरमैन अनिल राजपूत ने प्रदान किया।
उन्होंने राम जन्मभूमि मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा पर भी रिपोर्टिंग की, जिसे व्यापक सराहना मिली। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उनका योगदान अहम रहा है—विशेषकर G20 और P20 सम्मेलनों की उनकी कवरेज की सराहना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई है। वे राज्यसभा की मीडिया सलाहकार समिति के सदस्य भी रह चुके हैं और कई सामाजिक संगठनों के मानद सलाहकार के रूप में जुड़े हुए हैं।
कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने समाचार पत्र का प्रकाशन जारी रखते हुए ज़रूरतमंदों की मदद की, जिसके लिए उन्हें सामाजिक सरोकारों में भी सराहा गया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो दीपक झा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर, पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा और स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। वे कई जनसंचार संस्थानों और विश्वविद्यालयों में अतिथि व्याख्याता भी हैं। अमेरिका, चीन, ताइवान, सिंगापुर, मलेशिया, फिनलैंड और दुबई जैसे देशों में उनके पत्रकारिता अनुभव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान को मजबूत करते हैं।
झा की नियुक्ति से उम्मीद की जा रही है कि ‘द पायनियर’ अपने गौरवशाली इतिहास और निष्पक्ष पत्रकारिता की परंपरा को और सशक्त रूप में आगे ले जाएगा।


