उत्तराखंड में अंकिता भंडारी केस को लेकर नित नए खुलासे हो रहे हैं। इन खुलासों ने भाजपी की पुष्कर सिंह धामी सरकार को बैकफुट पर ला खड़ा किया है। ताजा प्रकरण मीडिया, खासकर डिजिटल मीडिया पर दबाव बनाने के रूप में सामने आया है। इस कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने पत्र लिखकर न्यूज़ कवरेज पर रोक लगाने की मांग की है। वहीं, उर्मिला सनावर ने एक और धमाका किया है। नीचे पढ़ें…
अजीत सिंह राठी-
‘उर्मिला फ़ाइल्स’ ने भाजपा की चूल हिला दी है, सशंकित भाजपा नेता पूरे मामले को अब जाति से जोड़ रहे है। महेंद्र भट्ट ने कहा कि मुझ पर आरोप लगाने पर ब्राह्मण समाज कांग्रेस को माफ नहीं करेगा।
उधर भाजपा विधायक खजान दास ने कहा कि प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम पर आरोप लगाना अनुसूचित जाति का अपमान है। लेकिन सच तो ये है कि भाजपा नेता जितना मुँह खोलते जा रहे हैं उतना ही डब्बा गोल होता जा रहा है।
सचिन गुप्ता-
उत्तराखंड- अंकिता भंडारी मर्डर केस में मीडिया रिपोर्टिंग पर BJP के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने गृह सचिव उत्तराखंड को चिट्ठी लिखी।
इसमें 28 फेसबुक प्रोफाइल, 9 इंस्टाग्राम हैंडल, 8 यूट्यूब चैनल और 2 X हैंडल की लिस्ट दी है।
इन प्लेटफॉर्म से दुष्यंत गौतम से संबंधित सामग्री हटाने और भविष्य के लिए ऐसी सामग्री का प्रसारण प्रतिबंधित करने की मांग की गई है।


गौरव पाल-
अंकिता भंडारी हत्याकांड में हो रहीं कवरेज को गलत और भ्रामक कह्ते हुए दुष्यंत कुमार गौतम ने उत्तराखंड के होम सेक्रेटरी को चिट्ठी लिखी। इस मामले पर लिखने बोलने वालों के ख़िलाफ़ करवाई करने की मांग की।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में दुष्यंत कुमार गौतम को मुख्य आरोपी बताया गया हैं। उत्तराखंड में जबरदस्त विरोध हैं मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक अंकिता के न्याय की मांग हो रहीं हैं।
मीडिया पर पाबंदी लगा कर मुद्दे को दबाने की कोशिश हो रही हैं।
भूपी पंवार-
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड़ आया है। अभिनेत्री उर्मिला सनावर, जो पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी हैं, ने अपने बयान, कॉल रिकॉर्डिंग्स, मोबाइल फोन और अन्य संबंधित साक्ष्यों को उत्तराखंड पुलिस को सौंपने की तैयारियों का ऐलान किया है। उर्मिला ने सोशल मीडिया पर भावुक अपील करते हुए कहा कि उनके पास ऐसे प्रमाण हैं जो मामले में नए खुलासे कर सकते हैं, और वे पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करने को तैयार हैं।
आवेश तिवारी-
गट्टू उर्फ दुष्यन्त कुमार गौतम अब पत्रकारों और चैनलों को धमकी दे रहा है जिन्होंने अंकिता के लिए न्याय की मांग की है। अगर सनावर के आरोपों को छोड़ दिए जाए तो भी सवाल खड़ा होता है कि वहां कौन-कौन वीआईपी मौजूद थे?

कुछ तथ्यों पर फिर से आते हैं। अंकिता की हत्या के बाद रिसॉर्ट के स्टाफ मेंबर मनवीर चौहान ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया था कि 18 सितंबर की रात करीब 8 बजे मुझे स्टार अंकित आर्य ने कॉल किया और कहा कि 4 लोगों का डिनर तैयार कर दो। वह चार लोग कौन थे?
क्या वह चारों लोग अंकिता के कमरे में गए थे? पुलकित, सौरभ और अंकित के अलावा किसका नाम इसमें शामिल था? क्या अंकित ने सिर्फ अंकिता के सामने प्रस्ताव रखा था या अपराध में भी शामिल था?
उर्मिला सनावर का आदियों अगर झूठा है तो अंकिता के टेप में वीआईपी कौन है?
जिस वक्त घटना घटी रिसॉर्ट में कितने लोग मौजूद थे? भाजपा नेता दुष्यन्त कुमार गौतम और अजीत सिंह इस दिन रिसॉर्ट में मौजूद थे या नहीं?
पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर को जब सब पता था तो उसने किसके दबाव में पुलिस को जानकारी नहीं दी?


