सात फरवरी से, अदाणी समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज को डाउ जोंस सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स से हटा दिया जाएगा। डाउ जोंस इंडेक्स एक अहम सूची है, जिसमें दुनिया की कुछ सबसे बड़ी और सस्टेनेबल (पर्यावरण और समाज के लिए जिम्मेदार) कंपनियों को जगह दी जाती है।
डाउ जोंस द्वारा यह कदम तब उठाया गया है जब अदाणी समूह पर अकाउंटिंग धोखाधड़ी (लेखांकन में गड़बड़ी) के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के बाद, मीडिया और निवेशकों ने कंपनी की पूरी जांच की, और इसके बाद ही यह फैसला लिया गया।

इसी बीच, भारतीय शेयर बाजार, यानी BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) ने अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी पोर्ट्स और अंबुजा सीमेंट्स को एक तरह की “सुरक्षा जाँच” के तहत रख लिया है। इसका मतलब यह है कि इन कंपनियों के शेयरों की बारीकी से निगरानी की जाएगी। इसके लिए इन कंपनियों में व्यापार करने के लिए ज्यादा पैसा (100% मार्जिन) पहले से देना होगा।
यह कदम उन निवेशकों को नियंत्रित करने के लिए है, जो अदाणी के शेयरों पर अटकलें (स्पेकुलेशन) लगाकर निवेश करते हैं या शॉर्ट-सेलिंग करते हैं।
अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में हाल ही में बड़ी गिरावट आई है, जिससे इनकी कुल वैल्यू में 8.76 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा का नुकसान हो चुका है। इसी वजह से, अदाणी एंटरप्राइजेज ने अपनी 20,000 करोड़ रुपये की फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) को रद्द कर दिया है और निवेशकों को उनका पैसा वापस करने का फैसला लिया है।
इन सभी घटनाओं के बाद, अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी समूह पर धोखाधड़ी और शेयर की कीमतों में हेरफेर करने का आरोप लगाया था। हालांकि, अदाणी समूह ने इन आरोपों को पूरी तरह से झूठा बताते हुए कहा है कि वे सभी कानूनी नियमों का पालन करते हैं।
कुल मिलाकर, अदाणी समूह के खिलाफ आरोपों की वजह से उसकी कंपनियों की बाजार में स्थिति कमजोर हुई है, और अब शेयर बाजार की नजरें इन कंपनियों पर ज्यादा रहेंगी।
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