वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी ने दर्शकों से “Eco N Energy Talk” नाम से बना अपना यूट्यूब चैनल ज्वाइन करने की अपील की है। एक जनवरी 2010 को अस्तित्व में आए इस चैनल के लिए उन्होंने तीन माह पहले सदस्यता अभियान शुरू किया है। चैनल में अब तक 9.91K subscribers, 170 वीडियो और 292,229 views हो चुके हैं।
प्रकृति प्रेमी वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी ने फेसबुक पर चैनल का लिंक साझा करते हुए लिखा है-
“प्रिय दोस्तो मेरे यू-ट्यूब चैनल पर सब्सक्राइबर तो आप में से बहुत सारे लोग हैं ही लेकिन कई मित्रों ने चैनल को जॉइन करके भी मेरा उत्साहवर्धन किया है। तीन महीने पहले मैंने सदस्यता अभियान शुरु किया तब नहीं लगता था कि गंभीर विषयों पर जानकारी भरे वीडियो, जो रोचक तो थे लेकिन सनसनीखेज नहीं थे, उन्हें लोगों का इतना सहयोग मिलेगा। लेकिन तीन महीनों में सदस्यता का पहला पड़ाव पार किया है। आप लोगों से उम्मीद है कि आप हौसला बढ़ाते रहेंगे।”
चैनल का लिंक ये रहा…
https://www.youtube.com/channel/UCX4SP1m4Ipe9q_jqXIGi2NA/join
There are a number of good journalists covering the environment beat and bringing the nuances. Their work is mostly in the English language. But in Hindi there is a bit of a vacuum. Hridayesh Joshi fills it beautifully.
I would be wrong, nonetheless, if I say only Hindi viewers must listen to him.
The challenge with such a niche beat is breaking down the facts to the level that common people can understand. Environment and health define our life. If you don’t keep bothering about them, you are away from things most important.
Watch his work. You would feel enriched.
-Banjot Kaur
हृदयेश जोशी का प्रोफाइल
वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, अनुवादक और फोटोग्राफर हृदयेश जोशी ने करीब 16 वर्षों तक एनडीटीवी में राष्ट्रीय मामलों के वरिष्ठ संपादक के तौर पर सक्रिय रहे। वे जनवरी 2003 में एनडीटीवी से जुड़े थे और 10 अगस्त 2018 को अलग हुए थे।

पत्रकारिता में 25 से अधिक वर्षों का अनुभव रखने वाले हृदयेश जोशी को अपनी उत्कृष्ट रिपोर्टिंग के लिए कई सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका पुरस्कार दो बार दिया जा चुका है। पहली बार वर्ष 2009 में चीन से की गई रिपोर्टिंग और दूसरी बार 2010 में मध्य भारत के ‘वॉर जोन एरिया’ की रिपोर्टिंग के लिए यह सम्मान उन्हें प्राप्त हुआ।
जोशी ने बतौर लेखक भी पहचान बनाई है। उनकी चर्चित कृतियों में ‘Rage Of The River – The Untold Story Of The Kedarnath Disaster’, ‘Lal Lakeer’ (The Red Line) और ‘तुम चुप क्यों रहे केदार’ शामिल हैं।
हृदयेश जोशी ने दस साल से अधिक समय तक राज्य सरकार और माओवादियों के बीच सशस्त्र संघर्ष की रिपोर्टिंग की है। इसके अलावा वे जलवायु परिवर्तन और हिमालयी क्षेत्र पर उसके प्रभाव पर गहन अध्ययन और लेखन के लिए भी जाने जाते हैं।
“Eco N Energy Talk” is a wonderful and unique initiative by one of the best journalists on the issue, namely Hridayesh Joshi. This is a must-watch portal, especially when the matter of ecology and environment should be our priority.
-Naveen Gaur


