‘द टेलीग्राफ’ के संपादक आर राजगोपाल की इस वजह से हो रही है पूरे देश में चर्चा

आर. राजगोपाल

पहचान लीजिये जिंदा लोगों को। ‘द हिन्दू’ के एन राम के बाद अब ‘द टेलीग्राफ’ के संपादक आर राजगोपाल ने भी मोदी सरकार से सीधा मोर्चा लिया है। राजगोपाल ने केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के धमकी भरे कॉल को सार्वजनिक कर व उस पर एक रिपोर्ट छाप कर पत्रकारिता का लोहा मनवाया है। जाधवपुर यूनिवर्सिटी मामले में ‘द टेलीग्राफ’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट को झूठा बताकर सुप्रियो अखबार से माफीनामा चाहते थे।

केंद्रीय मंत्री ने संपादक को धमकाया भी कि वे सज्जनतापुर्वक माफी मांगें अन्यथा कॉल रिकार्डिंग सार्वजनिक कर देंगे। लेकिन इससे पहले ही संपादक ने खुद इसे अक्षर दर अक्षर ‘द टेलीग्राफ’ में प्रकाशित कर दिया है। माफी मांगने के विषय में संपादक राजगोपाल कहते हैं- ‘मैं एक सज्जन नहीं हूँ, मैं एक पत्रकार हूँ। आप केन्दीय मंत्री हो सकते हैं, लेकिन मैं इस देश का नागरिक भी हूँ।’

‘द टेलीग्राफ’ अखबार लगातार चर्चा में रहता है। खासतौर पर फ्रंट पेज स्टोरी को लेकर अखबार को काफी पढ़ा जाता है। मोदी सरकार ने ‘द हिन्दू’ के साथ इस अखबार का भी सरकारी विज्ञापन बंद कर दिया है, बावजूद इसके यह अखबार व इस अखबार के संपादक पत्रकारिता से, अपने तेवर से समझौता नहीं कर रहे हैं। राजगोपाल जी को भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

सोशल एक्टिविस्ट विक्रम सिंह चौहान की एफबी वॉल से.

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