एलन मस्क-
काम का अंत और अर्थ की शुरुआत
मेरा अनुमान है कि आने वाले दस से पंद्रह वर्षों में काम करना पूरी तरह वैकल्पिक हो जाएगा. इंसान काम करेगा तो सिर्फ मज़े के लिए या किसी अर्थ की तलाश में न कि पैसे कमाने के लिए. एआई और रोबोटिक्स की गति इतनी तेज होगी कि प्रोडक्शन और सेवाओं का लगभग पूरा मॉडल मशीन आधारित हो जाएगा. आप जिस चीज़ की कल्पना कर सकते हैं उसे बनाना संभव हो जाएगा. यही कारण है कि आने वाले बीस से तीस वर्षों में पैसा अपने आप में बेकार हो जाएगा. भविष्य की वास्तविक करेंसी ऊर्जा होगी क्योंकि पदार्थ हर जगह है लेकिन उसे सक्रिय और गतिशील करने के लिए ऊर्जा चाहिए.
समाज की नई रचना और मानव मकसद
जब मशीनें सब कुछ बना देंगी तब असली सवाल यह होगा कि इंसान क्या करेगा. जीवन के लिए नहीं बल्कि मकसद के लिए काम करना पड़ेगा क्योंकि बिना उद्देश्य के इंसान पागल हो जाता है. मैं इसे यूनिवर्सल हाई इनकम कहता हूं. यह यूनिवर्सल बेसिक इनकम जैसी अवधारणा नहीं है बल्कि एक ऐसी स्थिति है जिसमें हर व्यक्ति के पास प्रचुरता होगी और किसी को जीवन जीने के लिए संघर्ष नहीं करना होगा. परंतु अर्थ की खोज बनी रहेगी. कुछ लोग कला बनाएंगे कुछ अंतरिक्ष की खोज करेंगे और कुछ नए विचारों और प्रयोगों में जीवन व्यतीत करेंगे.
भारत का अवसर और विश्व व्यवस्था का मोड़
अमेरिका ने भारतीय प्रतिभा से जितना लाभ उठाया है उतना किसी और देश से नहीं मिला. सुंदर पिचाई सत्या नडेला और पराग अग्रवाल जैसे लोग इसका प्रमाण हैं. भारत अब पुरानी तकनीकें कॉपी करने के बजाय सीधे एआई रोबोटिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा में छलांग लगा सकता है. भारत को लीपफ्रॉग करना चाहिए क्योंकि उसके पास युवा ऊर्जा और विशाल क्षमता दोनों हैं. लेकिन साथ ही मैं आगाह करता हूं कि जनसंख्या गिरावट मानव सभ्यता के लिए जलवायु परिवर्तन से भी बड़ा खतरा है. 2030 तक जो बदलाव दिखाई देंगे वे इतने तीव्र होंगे कि दुनिया चकित रह जाएगी.
एक्स की वास्तविक वजह और विचार स्वतंत्रता का संकट
मैंने ट्विटर को पैसा या अहंकार के लिए नहीं खरीदा. ट्विटर लगभग अस्सी से नब्बे प्रतिशत लेफ्ट लीनिंग हो चुका था और दुनिया की सोच पर एक ही विचारधारा का नियंत्रण सभ्यता के लिए खतरनाक है. मैंने इसे सेंटरिस्ट बनाया ताकि यह सत्य की खोज का माध्यम बने. एक्स एक उभरती हुई सामूहिक मानव चेतना है. यह इंसानियत का दिमाग बाहर निकाल रहा है. और मैं साफ कहता हूं कि हास्य को गैरकानूनी बनाने की कोशिश सबसे खतरनाक प्रवृत्ति है. हंसी इंसान की आज़ादी का सबसे बड़ा प्रमाण है और इसका बचा रहना अनिवार्य है.
अगले दशक की रूपरेखा और सभ्यता का नया अध्याय
अगले पांच से दस साल में दुनिया जिस दिशा में जाएगी वह तीव्र परिवर्तन का काल होगा. चिप्स की कमी खत्म होगी और ऊर्जा की कमी एक नया संकट बनेगी. ऑप्टिमस रोबोट 2026 या 2027 तक घरों में होगा और उसकी कीमत एक कार से कम होगी. स्टारशिप की वजह से मंगल तक पहुंचना आपकी सोच से भी ज्यादा करीब है. एआई अगले चौबीस महीनों में जितना बदलाव लाएगा वह पिछले चौबीस वर्षों के बदलाव से अधिक होगा. देशों की सीमाएं धुंधली पड़ेंगी और सामूहिक चेतना मजबूत होगी.
मानवता के लिए अंतिम संदेश
समाज से जितना लेते हो उससे अधिक लौटाओ. मेक मोर दैन यू टेक. और इमोशनल इंटेलिजेंस को कभी कम मत आंकना. यह आईक्यू जितना ही महत्वपूर्ण है. मानवता को आगे बढ़ना है तो उसे बुद्धिमत्ता और करुणा दोनों की आवश्यकता है.
(लेखक एलन मस्क स्पेसएक्स, टेस्ला, न्यूरालिंक, द बोरिंग कंपनियों और एक्स के संस्थापक तथा भविष्य प्रौद्योगिकी के अग्रणी विचारक हैं)


