वॉशिंगटन — अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice) ने आज Epstein Files Transparency Act के तहत 30 लाख से अधिक अतिरिक्त पन्नों के दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। यह कानून 19 नवंबर 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा साइन किया गया था।
इन नए दस्तावेजों में करीब 2,000 वीडियो और 1.8 लाख (180,000) तस्वीरें शामिल हैं। इससे पहले जारी किए गए रिकॉर्ड्स को मिलाकर अब तक कुल लगभग 35 लाख (3.5 मिलियन) पन्नों की सामग्री सार्वजनिक की जा चुकी है।
ये दस्तावेज कहां से जुटाए गए?
न्याय विभाग के अनुसार, ये फाइलें मुख्य रूप से पांच स्रोतों से जुटाई गई हैं:
- फ्लोरिडा और न्यूयॉर्क में जेफ्री एपस्टीन से जुड़े केस
- न्यूयॉर्क में गिसलेन मैक्सवेल के खिलाफ केस
- न्यूयॉर्क में एपस्टीन की मौत की जांच से जुड़े केस
- फ्लोरिडा में एपस्टीन के पूर्व बटलर की जांच
- FBI की कई जांचें और इंस्पेक्टर जनरल की रिपोर्ट
किन दस्तावेजों को रोका गया?
न्याय विभाग ने कहा कि उन्होंने ज्यादा से ज्यादा सामग्री जुटाने की कोशिश की, लेकिन कुछ दस्तावेज जारी नहीं किए गए क्योंकि वे:
- दोहराव (डुप्लीकेट) थे
- कानूनी विशेषाधिकार (जैसे वकील-मुवक्किल गोपनीयता) के तहत आते थे
- कानून के तहत अपवादों में आते थे (जैसे हिंसक सामग्री)
- या एपस्टीन और मैक्सवेल केस से असंबंधित थे
पीड़ितों की पहचान सुरक्षित
इस पूरी प्रक्रिया में 500 से ज्यादा वकीलों और समीक्षकों ने काम किया। न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट के यूएस अटॉर्नी ऑफिस ने विशेष समीक्षा की, ताकि कोर्ट के आदेश के मुताबिक किसी भी पीड़ित की पहचान सार्वजनिक न हो। न्याय विभाग ने कहा कि सभी रेडैक्शन (काट-छांट) सिर्फ पीड़ितों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए किए गए। कुछ अश्लील तस्वीरें भी हटाई गईं, क्योंकि विभाग ने उनमें दिख रही सभी महिलाओं को पीड़ित माना।
बड़े नामों पर कोई सेंसरशिप नहीं
दिलचस्प बात यह है कि इन फाइल्स में किसी भी चर्चित व्यक्ति या राजनेता का नाम रेडैक्ट नहीं किया गया है। हालांकि विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि इन फाइल्स में कुछ फर्जी या झूठे दस्तावेज, तस्वीरें और वीडियो भी हो सकते हैं, क्योंकि FBI को जनता से जो भी सामग्री मिली थी, उसे शामिल कर लिया गया है।
ट्रंप पर आरोपों को बताया झूठा
न्याय विभाग ने स्पष्ट किया कि कुछ दस्तावेजों में राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ सनसनीखेज और झूठे आरोप भी हैं, जो 2020 के चुनाव से ठीक पहले FBI को भेजे गए थे। विभाग के अनुसार ये आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और असत्य हैं, और अगर इनमें जरा भी सच्चाई होती तो अब तक इन्हें राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया जा चुका होता।
कुल मिलाकर, एपस्टीन फाइल्स का यह नया खुलासा दुनिया के सबसे रहस्यमय और चर्चित यौन शोषण मामलों में से एक को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अब तक की सबसे बड़ी सरकारी पहल मानी जा रही है।
6 पन्नों का ये पीडीएफ भी पढ़ें… एपस्टीन फाइल्स
यहां देखें लाखों वीडियो तस्वीरें और पेज (18 वर्ष से ऊपर के लोग देख सकते हैं)- EpsteinFiles
दिल्ली – एप्स्टीन फाइल्स मामले पर MEA ने दी प्रतिक्रिया-
PM मोदी की जुलाई 2017 की आधिकारिक यात्रा के अलावा सब निराधार है, MEA ने दावों को खारिज किया !!



