एक देखने लायक़ फ़िल्म- Nomadland

अणु शक्ति सिंह-

2021 में बेस्ट पिक्चर का अकैडमी नोमैडलैंड को मिला है।
फ़र्न नाम की साठ पार की एक औरत अपने पति की मौत के बाद घर-बार बेचकर वैन ख़रीदती है और छोटी-मोटी तात्कालिक नौकरियाँ करते हुए सड़क पर ज़िंदगी बिताने लगती है।

वह उस तरह रोड पर नहीं आती है, जो मुहावरा हम इस्तेमाल करते हैं। उसकी गाड़ी उसका घर बन जाती हैं, सड़कें हमराह और मंज़िल पूरी दुनिया।

फ़र्न कई लोगों से मिलती है। सब अपनी-अपनी तरह के लोग। उन लोगों को ग़ौर से देखा जाए तो यह फ़िल्म क़िस्सों का बूके नज़र आने लगती है।

इन क़िस्सों में एक क़िस्सा स्वैंकी का था। शायद फ़िल्म का सबसे दमदार हिस्सा… पचहत्तर से अधिक बसंत देख चुकी ‘स्वैंकी’ सबसे उम्रदराज़ नोमैड में से एक हैं। सड़क पर ज़िंदगी बिताने के मोड़ से ख़ूब अवगत हैं। शायद थोड़ी बीमार हैं।

ना थोड़ी बीमार नहीं हैं। कैन्सर से पीड़ित हैं। मृत्यु आसन्न है। बची हुई ज़िंदगी को आँसुओं में किसी हस्पताल में ख़र्च करने की जगह सड़क पर खुलकर जीने में बिता रही हैं।

स्वैंकी को देखते हुए मन में कुछ उपजा था। ना जाने उम्र कुल कितनी होगी। जितनी भी हो वह ऐसी हो कि स्मृतियाँ हँसते हुए बनायी जा सकें। स्वैंकी की हिम्मत का एक क़तरा मुझे भी मिल सके।

ये फ़िल्म हॉट स्टार पर उपलब्ध है।

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