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पत्रकार से मारपीट करने तथा अपमानजक होर्डिंग लगाने के आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर

: भूख हड़ताल के बाद दर्ज हुई थी तीन एफआईआर : शाहजहांपुर में एक पत्रकार के खिलाफ अपमानजनक टिप्‍पणी लिखे होर्डिंग्‍स लगाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. आरोपी व्‍यापारियों के खिलाफ तीन-तीन एफआईआर दर्ज होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी में लापरवाही के बाद पत्रकार फिर से आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं. पुलिस के सामने होने के बाद भी पुलिस आरोपियों को अरेस्‍ट करने की बजाय सेवा करने में लगी रही. गौरतलब है कि अपमानजनक होर्डिंग्‍स लगाए जाने तथा एक पत्रकार पर हमले के खिलाफ पत्रकार जगेंद्र सिंह भूख हड़ताल पर बैठ गए थे, जिसके बाद सिटी मजिस्‍ट्रेट ने कार्रवाई का आश्‍वासन देकर उनका हड़ताल तुड़वाया था. 

: भूख हड़ताल के बाद दर्ज हुई थी तीन एफआईआर : शाहजहांपुर में एक पत्रकार के खिलाफ अपमानजनक टिप्‍पणी लिखे होर्डिंग्‍स लगाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. आरोपी व्‍यापारियों के खिलाफ तीन-तीन एफआईआर दर्ज होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी में लापरवाही के बाद पत्रकार फिर से आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं. पुलिस के सामने होने के बाद भी पुलिस आरोपियों को अरेस्‍ट करने की बजाय सेवा करने में लगी रही. गौरतलब है कि अपमानजनक होर्डिंग्‍स लगाए जाने तथा एक पत्रकार पर हमले के खिलाफ पत्रकार जगेंद्र सिंह भूख हड़ताल पर बैठ गए थे, जिसके बाद सिटी मजिस्‍ट्रेट ने कार्रवाई का आश्‍वासन देकर उनका हड़ताल तुड़वाया था. 

बीते बुधवार की रात कुछ आसमाजिक तत्वों ने पत्रकार जगेंद्र सिंह के वांटेड लिखित होर्डिंग शहर में जगह जगह लगा दिए थे. होर्डिग में थाना सदर बाजार के प्रभारी निरीक्षक को सीयूजी नम्बर भी डाल दिया गया था तथा जगेंद्र को पकड़वाने वाले को उचित ईनाम दिए जाने की बात भी कही गई थी. पत्रकारों का कहना है कि कुछ दिनों ने नकली सरसों के तेल का कारोबार करने वाले सचिन बाथम और उसके साथी सुरेंद्र सेठ जगेंद्र को धमका रहे थे कि उन लोगों के खिलाफ खबरें न छापी जाए. उन लोगों ने ही इस होर्डिंग को लगवाया था. 

पत्रकारों का आरोप था कि जगेंद्र की छवि धूमिल करने के खिला इन लोगों ने ही अपमानजन शब्द लिखे होर्डिंग लगवाए गए थे. इसके पूर्व ही व्‍यापारी सचिन बाथम अपने साथियों के साथ पत्रकार जितेंद्र कुमार पर हमला कर दिया था, क्‍योंकि उन्‍होंने जगेंद्र के खिलाफ वांटेंड का होर्डिंग लगाने से मना कर दिया था. जितेंद्र से मारपीट करने के साथ उसे जातिसूचक गालियां भी दी गईं. जितेंद्र एवं जगेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307, 115 समेत कई मामलों में तीन एफआईआर दर्ज किए थे, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हुई. 

खबर है कि बीते दिनों आरोपी सचिन बाथम और उसका आरोपी दोस्‍त सुरेंद्र सेठ पुलिस के पास बैठकर मामले को सुलटाने में लगे रहे, पुलिस उनकी गिरफ्तारी करने की बजाय मामले को सलटवाने का प्रयास करती रही. इससे नाराज पत्रकार अब फिर से आंदोलन और भूख हड़ताल की तैयारी में हैं. दूसरी तरफ इस मामले में गलत रिपोर्टिंग के आरोप में अमर उजाला के ब्‍यूरोचीफ की शिकायत मालिक राजुल माहेश्‍वरी को भी भेजी गई है. पत्रकार दीप श्रीवास्तव, सौरभ दीक्षित, अमित त्यागी, अम्बुज मिश्र, रीतेश माथुर, पीयूष दुबे, सुशील शुक्ला, प्रेमशंकर गंगवार, अमित गुप्ता, कमल सिंह, हेमंत डे, सुयश सिन्हा, विजय शुक्ला, विनीत सैनी, विजय भारती, गोविंद अवस्थी, विनीत गुप्ता, राजीव गुप्ता, जितेंद्र सिंह, अवनीश मिश्र, आदर्श मिश्र, रोहित यादव, अभिनव मिश्रा, अभिनय गुप्ता, रवि शर्मा, साजिद खां, सचिन गुप्ता, शानू, शान मोहम्मद, ओमप्रकाश, मनोज कुमार आदि ने पूरे मामले में नाराजगी जताई है. 

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