संजय किशोर-
काहे का “The Complete Man”?…. पिता घर से बेदखल हों, पत्नी अदालत में हो और अब दोस्त समंदर की गहराई में लापता हो… और “The Complete Man” अपने दोस्तों को लहरों के हवाले कर, भागकर घर में दुबक जाए, तो यह ब्रांड इमेज शोभा नहीं देती। सच तो यह है कि इंसान कपड़ों से नहीं, अपने किरदारों से मुकम्मल होता है।
समंदर की लहरें और ‘लापता’ वफ़ादारी
20 मार्च 2026 की वह काली रात। मालदीव के वावु एटोल (Vaavu Atoll) के पास सात सवारियों से भरी एक स्पीडबोट पलट गई। नाव की कमान ‘एडवेंचर’ के शौकीन खुद गौतम सिंघानिया के हाथ में थी। नतीजा? उनके दो बेहद क़रीबी दोस्त, राष्ट्रीय रैली चैंपियन हरि सिंह और पूर्व नौसेना अधिकारी कमांडर महेश रामचंद्रन, लहरों में गुम हो गए।
यहाँ जिक्र करना ज़रूरी है कि हरि सिंह कोई साधारण नाम नहीं थे, वह भारतीय मोटरस्पोर्ट्स के ‘भीष्म पितामह’ माने जाते थे। पाँच बार के नेशनल रैली चैंपियन और प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित, सिंह ने दशकों तक धूल भरी सड़कों पर तिरंगा लहराया था। जिस शख्स ने अपनी पूरी ज़िंदगी रफ्तार और जोखिमों के बीच दूसरों को रास्ता दिखाया, आज वह अपने ‘करोड़पति दोस्त’ की रफ़्तार के जुनून की भेंट चढ़ गया।
यहाँ ‘The Complete Man’ का वही चिरपरिचित संस्करण देखने को मिला। जहाँ एक आदर्श कैप्टन आखिरी दम तक जहाज़ नहीं छोड़ता, वहीं सिंघानिया साहब मामूली चोटों के साथ तुरंत मुंबई एयरलिफ्ट हो गए। अब वह अपने आलीशान घर में ‘मेडिकल सुपरविजन’ में रिकवर कर रहे हैं, जबकि मालदीव कोस्ट गार्ड उनके दोस्तों के शवों की तलाश कर रही है। उनके प्रवक्ता ने इसे “मैकेनिकल फेलियर” बताकर पल्ला झाड़ लिया और सवालों को “तथ्यहीन” करार दिया। आखिर “The Complete Man” से जवाबदेही माँगना ही गुस्ताखी है!
पिता का ‘साम्राज्य’ और बेटे की ‘कृतज्ञता’
रेमंड (Raymond) को 100 करोड़ से 5,000 करोड़ रुपये के शिखर तक पहुँचाने वाले विजयपत सिंघानिया ने फरवरी 2015 में अपने साम्राज्य की चाबी, लगभग 38% शेयर, बड़े प्यार से इकलौते बेटे गौतम को सौंपी। उन्हें लगा था कि विरासत सुरक्षित हाथों में है।
लेकिन 2018 तक आते-आते 80 साल के बाप को बॉम्बे हाई कोर्ट की सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ीं। आरोप था कि बेटे ने 6,000 करोड़ रुपये के ‘JK House’ में उन्हें एक अदद डुप्लेक्स देने के वादे से भी मुँह फेर लिया। कोर्ट में भावुक विजयपत ने पूरी दुनिया को एक कड़वी नसीहत दी, “चाहे जितना भी प्यार करो, जीते जी अपनी संपत्ति बच्चों को मत सौंपना।”
बाप की आपबीती पर ‘कॉपीराइट’ का पहरा
जब विजयपत सिंघानिया ने अपनी व्यथा को आत्मकथा “An Incomplete Life” के पन्नों पर उतारना चाहा, तो बेटे ने उसे रोकने के लिए अदालत में मोर्चा खोल दिया। तर्क था कि यह उनकी ‘प्राइवेसी’ का उल्लंघन है। यानी बाप की ज़िंदगी की कहानी पर भी बेटे का सेंसरशिप! शुक्र है कि लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 2021 में वह किताब छप सकी, वरना “The Complete Man” तो पूरी दास्तान खुद ही सेंसर करना चाहते थे।
32 साल का साथ और एक ‘अधूरा’ तलाक
नवंबर 2023 में दिवाली के ठीक बाद दुनिया ने एक भयावह वीडियो देखा, सिंघानिया परिवार की बहू घर के बाहर खड़ी इंसाफ माँग रही थी। 32 साल की शादी का अंत गौतम ने सोशल मीडिया पर एक रूखे पोस्ट के ज़रिए किया।
नवाज़ मोदी सिंघानिया ने जो आरोप लगाए, वे किसी भी ‘सज्जन’ की छवि हिला देने के लिए काफी थे। घरेलू हिंसा के आरोपों से लेकर मामूली बाथरूम विवाद पर मारपीट तक, मामला इतना सार्वजनिक हुआ कि रेमंड के शेयरों की कीमत १,५०० करोड़ रुपये से अधिक गिर गई। ‘The Complete Man’ के घर में शायद सब कुछ था, बस सम्मान की कमी थी।
सूट अच्छा है, नीयत का क्या?
रेमंड का प्रीमियम कपड़ा आपको एक ‘Complete Man’ जैसा दिखा तो सकता है, लेकिन वह ‘बना’ नहीं सकता। “The Complete Man” की परिभाषा किसी सूटिंग फैब्रिक से नहीं, बल्कि रिश्तों के ताने-बाने और वफ़ादारी से तय होती है।
“Raymond का कपड़ा चाहे जितना अच्छा हो, इंसान उसे पहनने वाला बनता है, कपड़ा नहीं।”


