तो क्या पत्रकार प्रशांत की गिरफ्तारी इस एफबी पोस्ट के कारण हुई, देखें

Manish Shrivastava : कुछ भी लिखेंगे..कहीं भी लिखेंगे..किसी के लिए भी लिखेंगे..यहां बात सिर्फ वीडियो प्रचारित करने भर की नहीं है। आप तो सीधे योगी जी की शादी करा रहे।

ये भाषा वाकई बेहद शर्मनाक है। बतौर पत्रकार हमारी जिम्मेदारी कहीं अधिक है। आलोचना तो हम सब भी बेहद सख्त लहजे में करते हैं लेकिन भाषा और संस्कारों की बेहयाई की कीमत पर नहीं।

फिर भी इनकी गलती को बचकानापन समझ योगी जी को बड़प्पन दिखाते हुए माफ कर देना चाहिए। मेरी ह्रदय से अपील है।

Siddharth Kalhans : नाम- प्रशांत कनौजिया. अपराध : एक वीडियो जिसे आधा दर्जन क्षेत्रीय समाचार चैनलों ने यूपी के मुख्यमंत्री के घर के बाहर शूट किया फिर तमाम व्टासअप ग्रुपों मे दौड़ाया उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया।

इस अक्षम्य अपराध के लिए गिरफ्तारी और दर्ज. एफआईआर के मुताबिक धारा लगी आईपीसी 500 और आईटी एक्ट 66. पुलिस प्रेस नोट जारी करती है इस बहादुरी का और उसमें तमाम और धाराएं दिखा दी जाती है। फिलहाल कुख्यात अपराधी की तरह प्रशांत कनौजिया को चौकी चौकी थाने थाने रखा जा रहा है।

लखनऊ के पत्रकार द्वय मनीष श्रीवास्तव और सिद्धार्थ कलहंस की एफबी वॉल से.

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Comments on “तो क्या पत्रकार प्रशांत की गिरफ्तारी इस एफबी पोस्ट के कारण हुई, देखें

  • SUBODH JAIN says:

    पत्रकारिता का मतलब बकवास करने का लाइसेंस नहीं होता। एक गम्भीर ज़िम्मेदारी होता है।

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  • महेश शर्मा says:

    पत्रकारों की गिरफ्तारी निंदनीय है। मीडिया को उसके काम से रोकने से बेहतर है कि योगी जी उस युवती को रोकें जिसने उन्हें आरोपित किया है। पत्रकारों को भी कुछ भी लिखने से पूर्व यह विचार करना चाहिए कि किसी की प्रतिष्ठा , मान , सम्मान की हानि न होने पाए।

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