सुधीर मिश्र –
@SudhirMisraNBT
उफ यह मनुष्य का लालच… गोमती नदी को लेकर हाल ही में जानकारी में आए इस शासनादेश को लेकर पर्यावरणविदों में काफी नाराजगी है। इस आदेश में गंगा की सहायक नदी गोमती को बरसाती नदी घोषित किया गया है।
हाई कोर्ट समेत तक कई पुराने आदेश हैं जिनमें कहा गया है कि गोमती के फैलाव में आने वाले दोनो तरफ के सौ मीटर में कोई निर्माण नहीं होगा। अब नए आदेश में इसे पचास मीटर कर दिया गया है। आरोप हैं कि ऐसा कुछ अफसरों, नेताओं और भूमाफियाओं की मिलीभगत से हो रहा है।
इस बारे में नदियों को प्यार करने वालों और पूजने वालों को सवाल करने चाहिए। वरना हिमालय से लेकर अरब सागर तक मनुष्य के लालच के दुष्परिणाम कुदरत के कहर के तौर पर हम देख ही रहे हैं।


ट्विटर पर कुछ प्रतिक्रियाएं-
Anurag Agney
@anurag_agney
गोमती,सरयू,गंडक वरुणा किसी को भी बरसाती नदी कहा जा सकता है। काशी में वरूणा मृतप्राय हो गई।सीतापुर में मंदाकिनी चौका नदी विलुप्त हो गई। सरायन नदी को पाटा जा रहा है, लगभग मृतप्राय है। गोमती का वैभव हम सबने देखा है। आज गोमती रो रही है। हा हा गोमती दुर्दशा देखी न जाई। कोई इसे तारेगा?
Shachi Singh
@shachi100
यह नदी कई हजार वर्षों से बहती आ रही है।बहुत विस्तृत बाढ़ क्षेत्र, मानसून दौरान कई गुना बढती है और गंगा जी में बहुत सारा जल लाती है। कैसी विडम्बना है कि हिंडन नदी को बारहमासी और गोमती को मौसमी नदी रखा गया है। एक ही झटके में हमने नदी से इतनी जमीन ले ली.@PMOIndia
Prachi Srivastava
@PrachiS48917507
मनुष्य कब सबक लेगा जबकि हम दिल्ली, मथुरा जैसे उदाहरण सामने देख रहे हैं उसके बाद भी सबक नहीं ले रहे हैं, दुखद और अफसोसजनक ।
Venkatesh Dutta
@Venkatesh_D
यह सचमुच अजीब है कि सदानीरा गोमती नदी जो हजारों सालों से बहती आ रही है उसे मौसमी नदी का सर्टिफिकेट थमा दिया जाता है तथा नदी के विस्तार के लिए केवल 50 मीटर की जमीन को फ्लडप्लैन घोषित किया जाता है। यह एक बड़ी साज़िश है।
कुँवर नीरज सिंह
@kunwar65
नदी पुनर्जीवन एवं संरक्षण कार्य में लगे बंधुओं के लिए यह आदेश चौंकाने वाला है साथ ही नदी संस्कृति को मिटाने की दुर्भावना से प्रेरित भी। माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath कृपया इस विषय पर ध्यान दें। माँ गोमती को आदि गंगा कहा गया है जो इसके पुरातनकालीन इतिहास को वर्णित करता है।
सुरेन्द्र प्रताप
@Surendr25891030
गोमती मैया में गंदे नाले का पानी गिरा कर मैला कर दिया गया
brijendra pal singh
@brijendrapalsi1
आज की लापरवाही भविष्य पर बहुत भारी पड़ेगी…य़ह याद करें.


