हरे प्रकाश उपाध्याय ने ‘जनसंदेश टाइम्स’ छोड़ने का ऐलान किया, चार महीने की सेलरी दाबे बैठा है प्रबंधन

एनआरएचएम घोटालेबाज बाबूलाल कुशवाहा के संरक्षण में कुछ बरस पहले यूपी में जोरशोर से शुरू किया गया हिंदी दैनिक ‘जनसंदेस टाइम्स’ दम तोड़ने की कगार पर है. सेलरी संकट इस कदर है कि अब इस अखबार में कोई काम नहीं करना चाह रहा. वही इसमें टिके बसे रुके हैं जिन्हें अभी कहीं कोई अच्छा विकल्प नहीं मिल रहा.

अखबार के फीचर एडिटर और जाने माने युवा साहित्यकार हरे प्रकाश उपाध्याय ने जनसंदेश टाइम्स छोड़ने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने फेसबुक पर लिखे अपने ताजे स्टेटस में खुलासा किया है कि जनसंदेश टाइम्स प्रबंधन ने उनका भी चार महीने का वेतन दाबे बैठा है और वादा करने के बावजूद भुगतान नहीं कर रहा है. हरे प्रकाश का स्टेटस पढ़िए…

Hareprakash Upadhyay : मैं जनसंदेश टाइम्स से अलग हो चुका हूँ। अखबार के संपादकीय पृष्ठ पर मेरा ईमेल अभी भी छप रहा है, उस पर ना जाएं। उससे संबंधित कोई सामग्री मुझे ना भेजें। मैंने पाँच सितंबर से ही वहाँ जाना बंद कर दिया है। चार महीनों का वेतन बकाया है वहाँ, जिसे संस्थान की ओर से 15 सितंबर से पहले देने का वादा किया गया है। अखबार की स्थिति का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं। बाकी तो जो है सो हइये है… 🙂

इसे भी पढ़ सकते हैं….

‘मंतव्य’ के जरिए हरे प्रकाश उपाध्याय ने साहित्य में मफियावाद को कड़ी चुनौती दी है



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code