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झारखंड

वरिष्ठ पत्रकार और संपादक हरिनारायण सिंह का निधन!

झारखंड: वरिष्ठ पत्रकार और संपादक हरिनारायण सिंह जी का निधन होने की जानकारी सामने आई है। उनके निधन से झारखंड की पत्रकारिता में बड़ी रिक्तता होने की बात कही जा रही है। रांची प्रेस क्लब में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई है।

वर्तमान में वह आजाद सिपाही दैनिक अखबार के प्रधान संपादक के तौर पर कार्य कर रहे थे। इसके पूर्व वह हिंदुस्तान, प्रभात खबर, न्यूज़ 11, सन्मार्ग आदि दैनिक अखबारों में वरिष्ठ संपादक के तौर पर कार्य कर चुके थे। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे श्री हरिनारायण सिंह का आज एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।

हरिनारायण सिंह

नीचे कुछ टिप्पणियां पढ़ें जो वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर लोग साझा कर रहे हैं…


हरिवंश-

झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार हरिनारायण जी के न रहने की दुखद सूचना मिली. उनका आकस्मिक, असमय दुनिया से विदा होना, निजी तौर पर क्षति है. लंबे समय तक हमने साथ काम किया. कोलकाता में ‘रविवार’ पत्रिका में वह साथ रहे. फिर रांची में भी पर्याप्त समय साथ रहे. वह कर्मठ थे. ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें. ऊँ शांति.


बाबूलाल मरांडी-

वरिष्ठ पत्रकार हरिनारायण सिंह जी के निधन की सूचना से अत्यंत व्यथित हूं। उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से दशकों तक समाज की सेवा की। उनका निधन पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुख सहन करने की शक्ति दें।


सनी शरद-

झारखंड के कई पत्रकारों को गढ़ने वाले वरिष्ठ पत्रकार आज़ाद सिपाही अख़बार के संपादक हरिनारायण सिंह सर नहीं रहे। पिछले कुछ दिनों से वो बीमार चल रहे थे।


सत्य नारायण सिंह-

झारखंड पत्रकारिता जगत में अपनी महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले व आज़ाद सिपाही के संपादक हम सभी के बड़े भाई आदरणीय श्री हरिनारायण सिंह जी के असामयिक निधन पर गहरी संवेदनाएं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें एवं परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।


अखिलेश सिंह-

झारखंड में हिंदी पत्रकारिता को नया आयाम देने वाले हरिनारायण सिंह का निधन हो गया। सर का जाना निजी क्षति है। बीते आठ दस सालों में हर बड़ी खबर पर बात होती, रांची प्रेस क्लब में अपने सचिव के कार्यकाल में जब विषम परिस्थितियों से गुजर रहा था, हरि सर ही थे जो संबल देते थे।

हरिनारायण सर से तकरीबन एक माह पहले आखिरी बार बात हुई थी। लगा नहीं था कि उनके जाने की खबर आएगी। विनम्र श्रद्धांजलि सर।

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