नीरेंद्र नागर-
अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ़्ते के युद्धविराम के बाद भी इसराइल लेबनान स्थित एक शिया इस्लामी संगठन के ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है। इन हमलों की खबरें लिखते हुए हिंदी मीडिया उस संगठन का नाम पाँच तरह से लिख रहा है – हिज्बुल्ला, हिजबुल्ला, हिज्बुल्लाह, हिजबुल्लाह और हिज़बुल्लाह (ज पर नुक़्ता)।
इस नाम के मामले में यह अराजकता केवल भिन्न-भिन मीडिया घरानों के बीच ही नहीं, बल्कि एक ही घराने में भी नज़र आती है। यानी एक ही संस्थान अपनी अलग-अलग ख़बरों में अलग-अलग स्पेलिंग इस्तेमाल कर रहा है। आइए, देखते हैं कि कौन क्या लिख रहा है।
हिज्बुल्ला – पीटीआइ, News18, NDTV हिंदी
हिजबुल्ला – जागरण, ज़ी न्यूज़, अमर उजाला
हिज्बुल्लाह – आजतक, हिंदुस्तान, NDTV हिंदी, नवभारत टाइम्स, जागरण
हिजबुल्लाह – नवभारत टाइम्स, इंडिया.कॉम, जागरण, आजतक, भास्कर, ABP News
हिज़्बुल्लाह/हिज़बुल्लाह – बीबीसी हिंदी
आपने देखा, नवभारत टाइम्स, NDTV हिंदी, आजतक और बीबीसी हिंदी जैसे संस्थान एक ही नाम को दो-दो तरह से लिख रहे हैं। सबसे कमाल तो जागरण कर रहा है। मैंने उसकी तीन अलग-अलग ख़बरों में संगठन का नाम तीन तरह से लिखा देखा – हिजबुल्ला, हिज्बुल्लाह और हिजबुल्लाह।
सही क्या है, यह जानने के लिए हमें समझना होगा कि यह शब्द बना कैसे है। यह बना है हिज़्ब और अल्लाह के मेल से। अरबी में हिज़्ब का मतलब है दल, संगठन। अल्लाह का मतलब तो आप जानते ही हैं। सो जब हिज़्ब और अल्लाह का मेल हुआ तो शब्द बना हिज़्बुल्लाह। मतलब हुआ अल्लाह का दल। अल्लाह की पार्टी। यह शब्द क़ुरआन से लिया गया है (58/22)।
अब आप पूछ सकते हैं कि हिज़्ब और अल्लाह के मेल से हिज्बल्लाह जैसा शब्द बनना चाहिए। तो यह हिज़्बुल्लाह क्यों? इसका कारण है अरबी व्याकरण का एक नियम जिसके तहत हिज्ब कर्ता रूप में हिज़्बु हो जाता है। इसके साथ ही अल्लाह शब्द जब किसी और
शब्द के बाद आता है तो ‘अ’ का लोप हो जाता है। इस तरह हिज़्बु+(अ)ल्लाह से बना हिज़्बुल्लाह।
लेकिन अगर आपने इसकी अंग्रेजी़ स्पेलिंग देखी होगी तो वह है Hezbollah न कि Hizbullah. यह फ़ारसी प्रभाव के कारण है।
फ़ारसी भाषा में समय के साथ स्वरों के उच्चारणों में परिवर्तन हुए हैं। मसलन कई शब्दों में ‘इ’ का उच्चारण ‘ए’ में बदल गया है और ‘उ’ का उच्चारण ‘ओ’ में बदल गया है। इस कारण अरबी हिज़्बुल्लाह फ़ारसी में हेज़्बोल्लाह बोला जाने लगा। अंग्रेज़ी में उसकी वही स्पेलिंग चल पड़ी है – Hezbollah.
लेकिन चूँकि यह अरबी शब्द है इसलिए हिज़्बुल्लाह ही सही उच्चारण है। अगर बिना नुक़्ते के भी लिखा जाए तो हिज्बुल्लाह लिखा जाना चाहिए क्योंकि मूल शब्द ह़िज़्ब है, हिज़ब नहीं है। इसलिए इसे हिजबुल्लाह या हिज़बुल्लाह लिखना ग़लत है।
कई लोग कह सकते हैं कि हिज्बुल्लाह/हिज़्बुल्लाह और हिजबुल्लाह/हिज़बुल्लाह का उच्चारण एक ही होता है इसलिए हिजबुल्लाह/हिज़बुल्लाह लिखना भी ग़लत नहीं है। लेकिन अगर यही दलील अपनाई जाए तो फिर अमृत को अमरित लिखना भी सही माना जाना चाहिए आख़िर इनके उच्चारण भी तो एक जैसे हैं।
पिछली शब्दचर्चा…
शब्दचर्चा 79 : असम के मुख्यमंत्री हिमंत या हिमंता, बिस्व या बिस्वा, सरमा या शर्मा?



सृंजय सृंजय
April 11, 2026 at 4:07 pm
मुझे लगता है कि हिज़्बुल्लाह शब्द केवल हिज़्ब और अल्लाह के सीधे मेल से नहीं बना है, बल्कि बीच में एक और शब्द उल है, जिसका अर्थ होता है “का”, या’नी हिज़्ब+उल+अल्लाह » हिज़्बउलअल्लाह=हिज़्बुल्लाह।