पंकज शुक्ला-
सोचकर देखिए ज़रा! फ़िल्म बनाने वाली एक कंपनी ने सौ तालों में अपनी कई सौ करोड़ से बन रही फ़िल्म की एडिटिंग करने की व्यवस्था कर रखी है। जहां फ़िल्म एडिट हो रही है, मिक्स हो रही है और जहां उसका विजु्अल इफ़ेक्ट्स का काम चल रहा है, वहां गिनती के ही लोग जा सकते हैं और इतनी सुरक्षा के बावजूद फ़िल्म रिलीज़ से ठीक पहले इंटरनेट पर लीक हो जाती है, वह भी सुपर एचडी क्वालिटी में!
सब सोचेंगे कि ये काम किसी भीतरी शख़्स का ही है क्योंकि किसी फ़िल्म की एचडी फाइल ऐसे कैसे इंटरनेट पर लीक हो सकती है? लेकिन, ऐसा हो चुका है और पिछली बार ऐसा हुआ साउथ के सितारे नानी की फ़िल्म ‘हिट 3’ के साथ। तमाम स्टाफ की जांच पड़ताल हुई, किस-किस पर शक़ नहीं हुआ लेकिन, इस पूरे मामले का सूत्रधार निकला वो साइबर एक्सपर्ट जो बीते हफ्ते फ्रांस से भारत आने के बाद अब पुलिस की गिरफ़्त में हैं।

जी हां, हिंदी अख़बारों और न्यूज़ पोर्टर्लों पर शायद कहीं हाशिये पर ये ख़बर आपने पढ़ी होगी। लेकिन, ये मामला पहले पन्ने की हेडलाइन का है क्योंकि जो शख्स फ़िल्म पाइरेसी में पकड़ा गया है, वह अपनी दुनिया का इतना बड़ा कारोबारी है कि उसने अब तक साउथ सिनेमा को 35 हज़ार करोड़ रुपये की चपत लगा दी है। नाम- इम्मडी रवि।
पांच करोड़ मोबाइल यूज़र्स का डेटा, 21,000 फ़िल्में, 110 डोमेन्स और 65 मिरर साइटों वाला वैश्विक पाइरेसी नेटवर्क चलाने वाले इम्माडी रवि ने कभी दावा किया था कि पुलिस कभी उसका अपराध पकड़ नहीं पाएगी, लेकिन चोर कितना भी शातिर क्यों न हो, कोई न कोई सबूत छोड़ ही जाता है। हाइस्ट स्टोरीज़ पर फिदा रहने वाले ओटीटी नेटफ़्लिक्स की किसी ओरिजिनल फ़िल्म जैसा मसाला है इस कहानी में, लेकिन तय ये भी है कि नेटफ़्लिक्स कभी इस पर शायद ही फ़िल्म बना पाए, इसकी वजहें तमाम हैं।
ये मामला भारत में डिजिटल पाइरेसी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई का है जिसके तहत हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने कुख्यात वेबसाइट iBomma के संचालक इम्मडी (एम्मडी) रवि को गिरफ्तार कर लिया। लंबे समय से तेलुगु फ़िल्म उद्योग के लिए सबसे बड़े ख़तरे के रूप में देखे जाने वाले रवि को फ्रांस से हैदराबाद लौटते ही हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस के अनुसार, वह विदेश में छिपकर कैरेबियन द्वीपों पर स्थित सर्वरों के माध्यम से इस पूरे नेटवर्क को संचालित करता था। प्रारंभिक जाँच में ही खुलासा हुआ कि उसकी वेबसाइटों पर 21,000 से अधिक फ़िल्में ग़ैरक़ानूनी रूप से उपलब्ध कराई गई थीं।
बताते हैं कि रवि एक बेहद कुशल कंप्यूटर ऑपरेटर था, जिसे फ़िल्म एन्क्रिप्शन सिस्टम की कमजोरियों का गहरा ज्ञान था। वह DRM सुरक्षा तोड़ने, एन्क्रिप्टेड फ़ाइलों को डिकोड करने, लगातार डोमेन बदलने और Cloudflare जैसी CDN सेवाओं का उपयोग कर अपनी लोकेशन छुपाने जैसे उन्नत तरीकों का इस्तेमाल करता था। फ़िल्म ‘हिट 3’ की फ़ाइल उसने कथित रूप से फ़िल्म कंपनी के सर्वर को हैक करके उड़ा ली थी।
दुनिया भर में फैले सर्वरों, कूट-तकनीक, 900 से अधिक वेबसाइटों, और लाखों उपयोगकर्ताओं के डेटा पर कब्ज़े के साथ उसने एक ऐसा साम्राज्य खड़ा किया था, जिसकी जड़ें कैरेबियन से लेकर यूरोप तक फैली थीं। उसकी वेबसाइटों पर हर महीने पचास लाख से अधिक यूज़र्स आते रहे हैं। उन पर मौजूद मैलवेयर और री-डायरेक्ट लिंक के ज़रिए यह ट्रैफ़िक 1win, 1xbet जैसे अवैध बेटिंग प्लेटफ़ॉर्म पर भी भेजा जाता था, जहां लाखों लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा चुके हैं।
2019 में iBomma नामक वेबसाइट लॉन्च करने के बाद इम्मडी रवि ने 2022 में Bappam को लॉन्च किया गया। इसके सर्वर विदेशों में रखे गए ताकि भारतीय कानूनों से ये बाहर रह सकें। अभी तक की पड़ताल मे ये सर्वर एम्स्टर्डम, स्विट्ज़रलैंड, और कैरेबियन द्वीपों पर होने की जानकारी मिली है। इम्मडी रवि की पहुंच मुंबई फिल्म उद्योग तक भी होती रही है, उसका एक सहयोगी महाराष्ट्र का ही है।


