विकास मिश्रा-
आईआईएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, ग्रेटर नोएडा में भारत फिल्म फेस्टिवल का पहला दिन अद्भुत अनुभवों वाला रहा। इस आयोजन में आए अतिथियों को हमारे मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. मयंक अग्रवाल जी ने शाल, तुलसी जी का पौधा और स्मृति चिह्न भेंट करके सम्मानित किया। भारत एक्सप्रेस समूह के सीएमडी उपेंद्र राय आज के हमारे मुख्य अतिथि थे, उनके बारे में अब तक जितना सुना था, उससे भी कहीं वे ज्यादा शानदार इंसान हैं।
रास्ते में जाम की वजह से उपेंद्र जी को आने में थोड़ी देर हुई तो बहुत सहज भाव में बोले- मैं थोड़ी देर से भले आया हूं, लेकिन आपको पूरा समय दूंगा। उन्होंने किया भी ऐसा। इत्मीनान से करीब चार घंटे हमारे कैंपस में रहे। कार्यक्रम में शानदार व्याख्यान दिया तो करीब घंटे भर का उनका पॉडकास्ट भी शूट हुआ। खूब गपबाजी हुई। मेरे एक बुलावे पर वे आ गए, इतना समय दिया, इसके लिए उनका जितना धन्यवाद करूं, वो कम है। उपेंद्र जी के साथ हमारे प्रिय और भारत एक्सप्रेस के तेज तर्रार कमांडो देवनाथ भी हनुमान की तरह लगे रहे।
आलोक श्रीवास्तव देश के मशहूर गीतकार हैं। कई फिल्मों में भी उन्होंने गीत लिखे हैं। फिल्म फेस्टिवल में आलोक ने अपने गीतों और गजलों से युवाओं का दिल जीत लिया। आलोक के सेशन की एंकरिंग भारत 24 की सीनियर एंकर पूर्णिमा मिश्रा ने की। कार्यक्रम के बाद आलोक का करीब डेढ़ घंटे का पॉडकास्ट शूट हुआ।
मेरी श्रीमती जी भी आलोक की फैन हैं और आलोक की वे प्रिय भउजाई हैं। तो बिना मुझे बताए एक आम श्रोता की तरह श्रीमती जी समन्वय को लेकर कार्यक्रम में पहुंच गईं। मैं उन्हें वहां देखकर चौंका। हालांकि उनके आने की वजह अनीता चौधरी भी थीं, जिनकी उनसे गाढ़ी छनती है। अनीता चौधरी का सेशन भी शानदार रहा।
हमारे प्रिय मनोज भावुक ने एक सेशन का मॉडरेशन किया तो अपनी कविता और भोजपुरी की पंक्तियों से युवाओं में जोश भर दिया। इस कार्यक्रम में प्रोफेसर अरुण भगत, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राणा प्रताप सिंह, आईआईएमसी की प्रोफेसर रचना शर्मा, फिल्म प्रोड्यूसर और गीतकार श्वेता सिंह, डॉ. विमलेंदु और डॉ. अनुज भी अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। मैं इन सारे अतिथियों के प्रति अपने विभाग की तरफ से आभार व्यक्त करता हूं।
तीन दिन चलने वाले इस आयोजन का आज पहला दिन था। दो दिन और झमाझम कार्यक्रम होंगे। हमारे मैनेजमेंट कॉलेज के सभी साथी, हमारी टीम के सभी साथी टीम कैप्टन (विभागाध्यक्ष) वैभव उपाध्याय के साथ पूरी मेहनत से जुटे हैं। हमारे छात्रों का इस कार्यक्रम के लिए उत्साह देखते ही बनता है। उनके लिए पोस्ट अलग से होगी।







