अखिलेश शर्मा-
इंडिगो के पास साठ प्रतिशत से अधिक बाज़ार कैसे आया? रातों-रात तो नहीं हुआ।
यह बात तो माननी ही पड़ेगी कि जहाँ दूसरी एयरलाइंस नाकाम रहीं, वहाँ इंडिगो ने किफ़ायत और समय की पाबंदी का एक ऐसा मॉडल पेश किया कि दूसरी एयरलाइंस उसके आगे टिक नहीं सकीं।
- मुक्त अर्थव्यवस्था में ऐसा ही होता है।
- 2012 में किंगफ़िशर बंद हो गई
- फिर स्पाइसजेट का नंबर आया
- 2018 में जेट एयरवेज़ दीवालिया हुई
- 2023 में गो एयर चली गई
- इस बीच इंडिगो का बेड़ा बढ़ता गया
- हर सप्ताह एक नया विमान
- आज भारत के 65% विमान क्षेत्र पर क़ब्ज़ा है
इसीलिए आज जब लोगों से पूछा जा रहा है कि इस तमाम उठापटक के बाद भी क्या वे अपनी अगली उड़ान इंडिगो से करेंगे, तो अधिकांश का जवाब होता है- विकल्प ही क्या है?
रोशन राय-
Pre 2014…. Indian Aviation Market share
- GoAir (9%)
- Air Asia (1%)
- IndiGo (30%)
- Air India (18%)
- SpiceJet (18%)
- Jet Airways (21%)
- Others (3%)
After 2014:…. Indian Aviation Market Share
- IndiGo (65%)
- Air India (30%)
- Others (5%)
This is why no sector should become a monopoly or duopoly.
नरेंद्र नाथ मिश्रा-
हैरान हूँ कि टीवी पर यह कैसे नहीं बताया गया कि इंडिगो संकट से आम लोगों को अपने घर अधिक अधिक देर रहने का मौक़ा मिला,होटल इंडस्ट्री को फायदा हुआ,फिट इंडिया मूवमेंट का भी टेस्ट हुआ। कुल मिलाकर इसका बहुत लाभ हुआ।
और यह तर्क भी मिस हो गया ,सिर्फ़ कुछ लाख लोगों को ही दिक़्क़त हुई ना । अगर यही संकट करोड़ो लोगों को होती तो ? इसे रोकने का काम किया गया!
कुक मिलाकर पॉजिटिव रहें। नेगेटिव न बने।ऐसी सोच के साथ – “अगर चलते हुए कौआ सर पर शिट कर दे तो इस सोच के साथ आगे बढ़ जाएं कि अच्छा है कि गाय उड़ती नहीं है”
रावण-
क्या नेताओं को Indigo की 1000,1500 फ्लाइट कैंसिल होने से फर्क पड़ेगा?
- बिल्कुल नहीं, क्यूंकि उनके पास प्राइवेट जेट हैं।
क्या indigo कंपनी को इस लापरवाही की सजा मिलेगी?
- नहीं, क्योंकि कंपनी की इज्जत जनता से जरूरी है।
क्या उड्डयन मंत्री जिम्मेदारी लेंगे?
- नहीं, हमारे यहां रेल से लेकर तेल मंत्री तक कोई, किसी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी नहीं लेते।
बस फीता काटने समय पर पहुंच जाते हैं।
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